सिस्टम की बड़ी लापरवाही, जीवित व्यक्ति को कागजों में घोषित किया स्वर्गीय
- नैनपुर के हीरापुर का मामला, योजनाओं के लाभ के लिए भटक रहा पीडि़त, जांच के आदेश
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के नैनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत हीरापुर में प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहां पंचायत और समग्र आईडी के सरकारी रिकॉर्ड में एक जीवित व्यक्ति पीतम रजक को मृत घोषित कर दिया गया है। दस्तावेजों में उनके नाम के आगे स्वर्गीय दर्ज होने के कारण वे पिछले काफी समय से खुद के जीवित होने का प्रमाण देने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
बंद हो गई राशन और पेंशन जैसी सुविधाएं
रिकॉर्ड में मृत घोषित किए जाने का खामियाजा पीतम रजक को भुगतना पड़ रहा है। समग्र आईडी में स्वर्गीय दर्ज होने के कारण उन्हें शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं से वंचित कर दिया गया है। पीडि़त का राशन और पेंशन समेत अन्य आवश्यक शासकीय लाभ पूरी तरह बंद हो गए हैं। पीडि़त ने बताया कि उन्होंने पंचायत से लेकर तहसील स्तर तक कई बार आवेदन दिए, लेकिन लंबे समय तक व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ।
मीडिया में मामला आने के बाद जागा प्रशासन
यह गंभीर मामला तब सुर्खियों में आया जब हार मानकर पीतम रजक ने अपनी व्यथा मीडिया के सामने रखी। इसके बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में मामले की जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि तकनीकी या लिपिकीय त्रुटि के कारण उन्हें मृत दर्शा दिया गया था, जिससे यह पूरी समस्या उत्पन्न हुई।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
इस प्रकरण को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) आशुतोष ठाकुर ने गंभीरता दिखाई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। यह एक गंभीर लापरवाही है और जो भी कर्मचारी इसमें दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पीतम रजक के दस्तावेजों में तत्काल सुधार कर उन्हें पुन: सभी शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना हमारी प्राथमिकता है। फिलहाल पीडि़त ने अपने जीवित होने से संबंधित सभी आवश्यक प्रमाण पत्र प्रशासन को सौंप दिए हैं और न्याय की गुहार लगाई है।









