वाणी के घाव सबसे गहरे, बोलने से पहले सौ बार सोचें-देविका पटेल

वाणी के घाव सबसे गहरे, बोलने से पहले सौ बार सोचें-देविका पटेल

  • ग्राम करिया गांव में श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन उमड़ा जनसैलाब, कल होगा समापन

मंडला महावीर न्यूज 29. ग्राम करिया गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन सुप्रसिद्ध कथावाचिका देविका पटेल ने श्रद्धालुओं को जीवन के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया। उन्होंने वाणी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तीर का घाव समय के साथ भर जाता है, लेकिन कटु वचनों से हृदय पर हुआ घाव कभी नहीं भरता। इसलिए मनुष्य को हमेशा सोच-समझकर और मधुर वाणी का प्रयोग करना चाहिए।

भक्त और भगवान का दिव्य मिलन है रासलीला 

कथा के दौरान भगवान कृष्ण की रासलीला का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि यह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के मिलन की दिव्य पराकाष्ठा है। उन्होंने गोपियों के अटूट प्रेम और भक्ति की चर्चा करते हुए कहा कि जब कृष्ण को राधा जी से मिलने की इच्छा हुई, तो वे स्वयं मनिहारिन का भेष धरकर उनके द्वार पहुँचे। गोपियों के संकल्प के आगे उद्धव का ज्ञान भी फीका पड़ गया। देविका जी ने यह भी सीख दी कि हमें दूसरों से सम्मान की अपेक्षा करने से पहले स्वयं अपने धर्म और ईश्वर का सम्मान करना सीखना चाहिए।

कल होगा समापन, समाज के प्रबुद्ध जनों का होगा अभिनंदन 

कथा के अंतिम पड़ाव पर जानकारी दी गई कि जिन कन्याओं के विवाह में बाधा आ रही हो, उन्हें मां कात्यायनी की पूजा करनी चाहिए। कल शनिवार को फूलों की होली के साथ कथा का समापन होगा। रविवार, 28 दिसंबर को पूर्णाहुति, हवन, कन्या पूजन और महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।
इस विशेष अवसर पर कुर्मी समाज विकास संगठन जिला मंडला के तत्वावधान में क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों, वृद्धजनों और मातृ-शक्तियों का अभिनंदन समारोह आयोजित होगा। संगठन ने सभी प्रबुद्ध जनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया है। सभी का सम्मान कथावाचिका देविका पटेल द्वारा किया जाएगा।



 

Leave a Comment