अव्यवस्थित पार्किंग और जाम से जनता बेहाल, आपातकालीन सेवाएं भी ठप
- प्रशासनिक अनदेखी, थाने के सामने से गुजरते हैं ओवरलोड वाहन
- हादसों को न्योता दे रही लचर यातायात व्यवस्था
मंडला महावीर न्यूज 29. 50 ग्राम पंचायतों का केंद्र और तहसील मुख्यालय होने के कारण नारायणगंज में रोजाना हजारों ग्रामीणों की आवाजाही रहती है। लेकिन वर्तमान में यह नगर विकास के बजाय अपनी बदहाल यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही के कारण सुर्खियों में है। आलम यह है कि सामान्य दिनों के साथ बुधवार को लगने वाले हाट बाजार के दिन नगर की सड़कें रेंगने को मजबूर हैं।
बताया गया कि सबसे गंभीर स्थिति नारायणगंज मुख्य बस स्टैंड से जनपद कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने वाले मार्ग की है। नेशनल हाईवे से करीब डेढ़ किलोमीटर की इस दूरी को तय करने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। अव्यवस्थित पार्किंग और बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण यहां आए दिन लंबा जाम लग जाता है। नेशनल हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं के घायलों को जब अस्पताल लाया जाता है, तो एम्बुलेंस अक्सर इस जाम में फंस जाती है। मजबूरी में आपातकालीन वाहनों को 3 से 4 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर अस्पताल पहुंचना पड़ता है। समय पर उपचार न मिलने के कारण घायलों की जान पर बन आती है, जो बेहद चिंताजनक है।
नियमों की धज्जियां उड़ा रहे वाहन
नगर में दौड़ रहे कई वाहनों के पास न तो वैध दस्तावेज हैं और न ही वे सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं। टैक्सी चालक अधिक मुनाफे के चक्कर में क्षमता से कहीं ज्यादा सवारियां बैठाकर यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ये वाहन रोजाना थाने के सामने से गुजरते हैं, फिर भी पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
प्रशासन से तीखे सवाल
क्षेत्र में व्याप्त इस अव्यवस्था ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिसमें कहां गया है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं? थाने के सामने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? क्या यह लापरवाही किसी मासूम की जान लेने के बाद ही थमेगी। नारायणगंज की जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त की जाए और अवैध व ओवरलोड वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।











