अंतर्राष्ट्रीय वन मेला में जिला यूनियन पूर्व मंडला ने नवाचार में गाड़े झंडे, मिला प्रथम स्थान
- कान्हा रिसोर्ट के साथ विंध्य हर्बल का टाइअप बना आकर्षण का केंद्र
मंडला महावीर न्यूज 29. राजधानी भोपाल में आयोजित 11वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में मंडला जिले ने अपनी सफलता का परचम लहराया है। 17 से 23 दिसंबर तक चले इस सात दिवसीय आयोजन में जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन पूर्व मंडला को उनके उत्कृष्ट नवाचार और प्रदर्शन के लिए मेले में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
जानकारी अनुसार जिला यूनियन पूर्व मंडला ने इस बार एक अनूठी पहल करते हुए कान्हा रिसोर्ट के साथ विंध्य हर्बल उत्पादों के विक्रय के लिए टाइअप किया। इस सफल व्यावसायिक मॉडल और नवाचार को जूरी ने काफी सराहा, जिसके चलते मंडला को प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। मेले में मंडला की ओर से वन धन केंद्र अंजनिया, बिछिया और वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र द्वारा स्टॉल लगाए गए थे, जहां भारी मात्रा में वनोपज उत्पादों का विक्रय हुआ।
बताया गया कि इस भव्य वन मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया था। मेले में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रदर्शकों ने अपने स्टॉल लगाए थे, जिनमें मंडला जिले से पूर्व मंडला के साथ पश्चिम मंडला और कान्हा टाइगर रिजर्व के स्टॉल भी प्रमुखता से शामिल थे।
कुशल मार्गदर्शन में मिली उपलब्धि
बताया गया कि यह उपलब्धि मुख्य वन संरक्षक जबलपुर वृत्त कमल अरोरा के संरक्षण और जिला लघु वनोपज सहकारी संघ पूर्व मंडला की प्रबंध संचालक श्रीमती प्रीता एसएम के कुशल मार्गदर्शन में हासिल हुई है। उप प्रबंधक माधव राव उइके के निर्देशन में वन धन केंद्रों का संचालन प्रभावी ढंग से किया जा रहा है।
स्व-सहायता समूहों को मिल रहा रोजगार
वन धन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय स्व-सहायता समूहों के सदस्यों को न केवल आर्थिक संबल मिल रहा है, बल्कि उनके उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पहचान भी मिल रही है। वर्तमान में वन धन केंद्र अंजनिया के उत्पादों का विक्रय कान्हा वर्कर सोसायटी के माध्यम से खटिया, मुक्की और सरही की सोविनियर शॉप्स पर भी किया जा रहा है, जिससे पर्यटन और स्थानीय उत्पादों का संगम देखने को मिल रहा है।










