वीर बाल दिवस पर बाल स्वयंसेवकों ने किया शक्ति प्रदर्शन, नगर में निकला भव्य पथ संचलन
साहिबजादों के बलिदान को किया याद, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के संगम पर नागरिकों ने की पुष्पवर्षा
मंडला महावीर न्यूज 29. नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा 25 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के उपलक्ष्य में बाल स्वयंसेवकों का भव्य पथ संचलन आयोजित किया गया। पूर्ण गणवेश में सजे नन्हें स्वयंसेवकों के अनुशासन और कदमताल ने नगरवासियों का मन मोह लिया। संचलन के दौरान पूरे मार्ग में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक पुष्पवर्षा कर बाल स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
धर्म और सत्य के लिए बलिदान की गाथा
पथ संचलन से पूर्व सरस्वती शिशु मंदिर के सभागार में एक बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता, संघ के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य महेश सोनी ने अपने उद्बोधन में वीर बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह दिवस गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह (9 वर्ष) एवं बाबा फतेह सिंह (6 वर्ष)—की अमर शहादत की स्मृति में मनाया जाता है।
श्री सोनी ने भावुक स्वर में बताया कि किस तरह कोमल उम्र के इन बालकों ने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए दीवार में जिंदा चुनवाए जाने का दंश झेला, लेकिन अपने आदर्शों से समझौता नहीं किया।
संस्कारित समाज और राष्ट्रहित का संकल्प
मुख्य अतिथि डॉ. चैतन्य धावडे की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में श्री सोनी ने संघ के उद्देश्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में समरसता लाना और संस्कारित समाज का निर्माण करना ही प्राथमिकता है। उन्होंने उपस्थित स्वयंसेवकों और नागरिकों को:
- कुटुंब प्रबोधन (पारिवारिक संस्कार)
- पर्यावरण संरक्षण
- स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्यों के पालन का संकल्प दिलाया।
प्रमुख मार्गों से गुजरा संचलन
सभा के उपरांत बाल स्वयंसेवकों का पथ संचलन सरस्वती विद्यालय से प्रारंभ हुआ। घोष की धुनों के साथ यह संचलन लालीपुर बस स्टैंड, बढ़ चौराहा, बैग बेगी चौराहा जैसे नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए पुनः विद्यालय प्रांगण पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे रास्ते स्वयंसेवकों का अनुशासन देखने लायक था।











