देवरी कला की सीमा पर बाहरी डेरा
- कड़कड़ाती ठंड में तम्बुओं में रह रहे परिवार
- पुलिस वेरिफिकेशन की उठी मांग
- संदिग्ध गतिविधियों की आशंका
- गांव-गांव घूमकर अंगूठी बेच रहे बाहरी लोग
- प्रशासन से जानकारी जुटाने की अपील
मंडला महावीर न्यूज 29. बबलिया क्षेत्र के ग्राम देवरी कला की सीमा पर निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के पास पिछले कुछ दिनों से बाहरी व्यक्तियों ने डेरा डाल रखा है। करीब 5-6 तम्बुओं में रह रहे इन परिवारों के साथ एक दर्जन से अधिक बच्चे भी मौजूद हैं, जो कड़कड़ाती ठंड के बीच खुले आसमान के नीचे जीवन व्यतीत कर रहे हैं। पूछताछ के दौरान इन लोगों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और पत्थर की अंगुठियां बनाकर गांव-गांव घूमकर बेचते हैं। समूह के सदस्य प्रताप सिंह महोलिया ने बताया कि यूपी में अत्यधिक ठंड के कारण स्कूलों में छुट्टियां हैं, इसलिए वे बच्चों को भी अपने साथ व्यवसाय के लिए ले आए हैं।
वीडियो कॉल और पहचान को लेकर झिझक
स्थानीय चर्चा के दौरान एक संदिग्ध बात सामने आई कि जब इन लोगों से बात करने का प्रयास किया गया, तो वे वीडियो कॉल या कैमरे के सामने आने से कतराते रहे। उन्होंने स्पष्ट रूप से मोबाइल बंद करने के बाद ही बात करने की शर्त रखी। ऐसे में इन बाहरी व्यक्तियों की पहचान और उनके वास्तविक उद्देश्य को लेकर ग्रामीणों में असमंजस की स्थिति है।
मुसाफिर दर्ज कराने की आवश्यकता
ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि सुरक्षा की दृष्टि से ऐसे बाहरी समूहों की जानकारी स्थानीय पुलिस थाने या ग्राम कोटवार के पास मुसाफिर के रूप में लिखित में दर्ज होनी चाहिए। भविष्य में होने वाली किसी भी संभावित अप्रिय घटना या आपराधिक गतिविधि को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा इनका वेरिफिकेशन किया जाना अनिवार्य है।
प्रशासनिक सतर्कता जरूरी
वर्तमान में ये बच्चे और परिवार खुले में क्रिकेट खेलकर समय बिता रहे हैं, लेकिन क्षेत्र की शांति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस को इन तम्बुओं में रह रहे लोगों की विस्तृत जानकारी जुटाना आवश्यक है।









