सुदामा चरित्र की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, फूलों की होली से महका पंडाल
- पंडित अनुज कृष्णम बोले निस्वार्थ भक्ति करने वाले भक्तों के संकट स्वयं हर लेते हैं भगवान
मंडला महावीर न्यूज 29. समीपी ग्राम पिपरिया में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ अपने अंतिम पड़ाव पर है। कथा के सातवें दिन कथा व्यास पंडित अनुज कृष्णम महाराज ने सुदामा चरित्र का मर्मस्पर्शी वर्णन किया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निस्वार्थ मित्रता को देख श्रोता भावविभोर हो उठे।
कथा व्यास ने सुदामा की दीनदशा और द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण द्वारा किए गए उनके सत्कार का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान अपने भक्त की गरीबी नहीं, बल्कि उसका प्रेम और भक्ति देखते हैं। जब सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर द्वारिका पहुंचे, तो स्वयं त्रिलोकीनाथ ने नंगे पांव दौड़कर अपने मित्र को गले लगाया। भगवान ने बिना मांगे ही सुदामा की दरिद्रता दूर कर उन्हें महल और समृद्धि प्रदान की। पंडित कृष्णम ने कहा कि इस प्रसंग से प्रेरणा मिलती है कि यदि भक्ति सच्ची हो, तो भगवान अपने भक्त के सभी संकट हर लेते हैं।
खेली फूलों की होली और मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति
कथा के दौरान पंडाल में उस समय अलौकिक दृश्य निर्मित हो गया, जब मधुर संगीत के बीच राधा-कृष्ण बने कलाकारों और गोपियों के साथ श्रोताओं ने फूलों की होली खेली। मनमोहक झांकियों और नृत्य ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर शाम तक चली कथा के बाद आरती हुई और प्रसाद वितरण किया गया।
विद्वानों का हुआ सम्मान
विशेष अवसर पर श्रीधाम गोटेगांव से आए ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश दुबे एवं सत्येंद्र उपाध्याय का आयोजक परिवार की सदस्य उमा राय, प्रतीक राय और श्रेया राय ने शॉल, श्रीफल एवं पुष्पहारों से स्वागत किया। कथा व्यास ने भी विद्वानों का स्वागत श्री राधे-कृष्ण का गमछा भेंट कर किया।
आज पूर्णाहूति और विशाल भंडारा
आयोजक परिवार ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का समापन आज रविवार को विधि-विधान से पूर्णाहूति, कन्या भोज और विशाल भंडारे के साथ होगा।










