पद की गरिमा तार-तार, वरिष्ठ प्राचार्य की मौजूदगी में कुर्सी पर बैठा व्याख्याता

पद की गरिमा तार-तार, वरिष्ठ प्राचार्य की मौजूदगी में कुर्सी पर बैठा व्याख्याता

  • शिक्षकों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
  • योग्यता पर सवाल, नॉन डीएड-बीएड और नॉन-नियमित योग्यताधारी को उत्कृष्ट विद्यालय का प्राचार्य बनाने पर गहरा विवाद
  • नैनपुर उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य पद को लेकर विवाद गहराया, शिक्षकों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

मंडला महावीर न्यूज 29. संकुल केंद्र नैनपुर सहित ब्लॉक के सभी शिक्षकों ने उत्कृष्ट विद्यालय नैनपुर के व्यावसायिक विषय के व्याख्याता जावेद असलम खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिक्षकों ने प्रभारी मंत्री और जिला कलेक्टर के नाम एसडीएम नैनपुर को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि व्याख्याता जावेद असलम खान द्वारा वरिष्ठ प्राचार्य की उपस्थिति में जबरन उनकी कुर्सी पर बैठने जैसी अनुशासनहीनता और पद की गरिमा के विरुद्ध किए गए कार्यों की उच्चस्तरीय जाँच की जाए।शिक्षकों ने बताया कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब हाईस्कूल घटेरी के प्राचार्य गुरुदेव प्रसाद झारिया को 24 सितंबर 2025 को उत्कृष्ट विद्यालय नैनपुर के प्राचार्य पद पर कार्य करने के लिए आदेशित किया गया था, जबकि व्यावसायिक व्याख्याता जावेद खान का स्थानांतरण हाईस्कूल झुलपुर में कर दिया गया था। बताया गया कि स्थानांतरण आदेश पर हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद जावेद खान जिला प्रशासन के आदेश का इंतजार किए बिना सीधे उत्कृष्ट विद्यालय नैनपुर पहुँचे और अपने से वरिष्ठ प्राचार्य गुरुदेव झारिया की उपस्थिति में प्राचार्य की कुर्सी पर जबरन बैठ गए। इस दौरान उन्होंने कार्यालयीन आवक-जावक पंजी में भी अनुचित तरीके से प्राचार्य की सील पर हस्ताक्षर करते हुए डाक भेजी।

योग्यता पर उठे गंभीर सवाल 

शिक्षकों ने व्याख्याता जावेद असलम खान की शैक्षिक योग्यता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि जावेद खान की नियुक्ति व्यावसायिक शिक्षक के पद पर हुई थी, जब उन्होंने स्नातक या स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल नहीं की थी, जो व्याख्याता पद के लिए अनिवार्य होती है। शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने डीएड या बीएड जैसी बुनियादी शैक्षिक योग्यता भी पूरी नहीं की है। वर्तमान में अतिथि शिक्षक जैसे अनियमित पद के लिए भी डीएड-बीएड अनिवार्य है, जबकि एक ऐसे व्यक्ति को उत्कृष्ट विद्यालय का प्राचार्य बनाया जाना अनुचित है। बताया गया कि व्याख्याता श्री खान ने स्नातक 201) और स्नातकोत्तर 2013 की परीक्षा सर्विस के दौरान उत्तीर्ण की, यानी नियुक्ति के समय वे नियमित विषय के व्याख्याता पद की योग्यता भी नहीं रखते थे। शिक्षकों ने यह भी बताया कि वर्तमान में उत्कृष्ट विद्यालय नैनपुर में जावेद खान का व्यावसायिक विषय उपलब्ध नहीं है।

शिक्षकों ने की मांग 

शिक्षकों ने आशंका जताई है कि जावेद खान ने हाईकोर्ट को भी खुद को प्राचार्य बताकर भ्रमित जानकारी दी होगी जिससे स्थानांतरण आदेश पर स्थगन आदेश प्राप्त किया जा सके। शिक्षकों ने मांग की है कि बिना वांछित योग्यताधारी व्याख्याता जावेद खान को शीघ्र उत्कृष्ट विद्यालय नैनपुर से हटाया जाए। उनके द्वारा प्राचार्य पद की गरिमा के विरुद्ध किए गए अपमानजनक कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराकर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। प्राचार्य गुरुदेव झारिया और शिक्षकों ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत सहायक आयुक्त मंडला को भी की है, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।


 

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