पुनर्योजी कृषि और पंचगव्य मॉडल के लिए मंडला के गजेंद्र गुप्ता को मिला प्रतिष्ठित आईआईएसएफ-एनएसओआईएम अवार्ड
- इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ मंडला के गजेंद्र और रंजीत ने किया संवाद
- मंडला के गजेन्द्र गुप्ता को मिला भारत सरकार का आईआईएसएफ-एनएसओआईएम अवार्ड
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला के गजेन्द्र गुप्ता को भारत सरकार ने उनके द्वारा विकसित पुनर्योजी कृषि परम्परागत चिकित्सा और पंचगव्य उद्यमिता के ग्रास रूट मॉडल के लिए प्रतिष्ठित आईआईएसएफ-एनएसओआईएम – 2025 अवार्ड प्रदान किया है। ग्यारहवें इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2025 के दौरान यह सम्मान प्रदान किया गया। यह अवार्ड उन्हें पंचकुला में आयोजित नेशनल सोशल ऑर्गेनाइजेशन एंड इंस्टीट्यूशन मीट के समापन समारोह में दिया गया।
अंतरिक्ष यात्री के साथ प्लेनरी टॉक में संवाद
पंचकुला में आयोजित इस भव्य विज्ञान उत्सव में मंडला के गजेन्द्र गुप्ता और रंजीत कछवाहा ने एक महत्वपूर्ण सत्र प्लेनरी टॉक में सहभागिता की। इस सत्र में उन्होंने भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट, इंजीनियर और इसरो के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ संवाद किया। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के एक्सिओम मिशन-4 पर एक पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया और कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से इस महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशन के अनुभवों को साझा किया।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महाकुंभ में सहभागिता
मंडला के दोनों प्रतिभागियों ने इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल और एक्सपो के शुभारंभ समारोह में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिसका उद्घाटन भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने किया। गजेन्द्र और रंजीत ने नेशनल सोशल ऑर्गेनाइजेशन एंड इंस्टीट्यूशन मीट के उद्घाटन सत्र, प्लेनरी सत्र, पैनल डिस्कशन और ग्रासरूट डेवलपमेंट प्रेजेंटेशन सत्र सहित सभी प्रमुख आयोजनों में सक्रिय सहभागिता की। यह अवार्ड गजेन्द्र गुप्ता के जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे सामाजिक संगठनों और संस्थानों के लिए एक प्रेरणा है।










