जघन्य हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास और दो हजार का जुर्माना
- संपत्ति विवाद में हत्या, देवर ने की थी जीजा की हत्या
- विशेष न्यायालय ने चिन्हित मामले में हत्या के आरोपी को सुनाई आजीवन कारावास
मंडला महावीर न्यूज 29. विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी एक्ट न्यायालय जिला मंडला ने एक चिन्हित और जघन्य हत्या के सनसनीखेज मामले में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी राजेन्द्र उर्फ पिल्ले यादव उम्र 23 वर्ष, निवासी आवासटोला देवगांव, थाना मोहगांव, मंडला को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और दो हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष की कहानी के अनुसार यह घटना 21 सितंबर 2024 की रात की है। फरियादी जो मृतक राजू भारतीया की पत्नी हैं ने बताया कि उन्होंने करीब 13-14 साल पहले राजू भारतीया से मनपसंद की शादी की थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मृतक राजू भारतीया के नाम पर स्वीकृत नए मकान में दंपत्ति रहने लगे थे। 19 सितंबर 2024 को आरोपी पिल्ले उर्फ राजेन्द्र यादव ने अपनी बहन और जीजा से मकान खाली करने को कहा था, जिसके बाद उन्होंने नया मकान संभाल लिया था।
लाठी से सिर में किया था जानलेवा वार
बताया गया कि घटना की रात 21 सितंबर 2024 को रात्रि 09:30 बजे जब मृतक राजू भारतीया आंगन में अंडे छील रहे थे, तब आरोपी पिल्ले यादव वहाँ आया। उसने मृतक से पूछा कि वह यहाँ क्या कर रहा है और तुरंत घर से निकलने को कहा। जब मृतक ने यह कहते हुए विरोध किया कि यह उसका घर है, तो आरोपी भड़क उठा। आरोपी पिल्ले यादव ने मृतक को गालियाँ दीं और आंगन में पड़ी एक लाठी से उसके सिर पर जोर से वार किया। वार से मृतक चित्त हालत में जमीन पर गिर गया। बीच-बचाव करने आईं फरियादी मृतक की पत्नी और पड़ोसी विरवा चीचाम को भी आरोपी ने लाठी से मारा। इस मारपीट में गंभीर चोट आने और अधिक खून बहने से राजू भारतीया की हत्या हो गई।
न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्य
घटना के बाद एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पीडि़ता और अन्य साक्षीगण के बयान दर्ज किए गए, इसके साथ ही घटनास्थल का मौका नक्शा और वीडियोग्राफी सीडी तैयार की गई। मृतक का स्थायी जाति प्रमाण पत्र, आरएफएसएल परीक्षण रिपोर्ट और डीएनए मिलान हेतु जब्तशुदा माल एफएसएल सागर भेजा गया था। समस्त साक्ष्य और अनुसंधान पूर्ण होने के बाद आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धारा के तहत न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और तर्क को न्यायालय ने स्वीकार किया। विचारणोपरांत विशेष न्यायाधीश ने आरोपी राजेन्द्र उर्फ पिल्ले यादव को दोषी पाते हुए उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया। इस प्रकरण में शासन की ओर से अभियोजन संचालन सहायक निदेशक एसएस ठाकुर ने किया।









