आरबीएसके टीम ने चौदस में किया स्वास्थ्य परीक्षण
- जन्मजात दिल में छेद के साथ कई बच्चे एनीमिया से ग्रसित, हायर सेंटर रेफर
- एनीमिया मुक्त भारत अभियान को मिली गति
- निवास की आरबीएसके टीम ने बच्चों को दी आयरन की खुराक, गंभीर रोग के लिए किया रेफर
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम द्वारा चौदस में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
मंडला महावीर न्यूज 29. एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निवास के अंतर्गत ग्राम चौदस का भ्रमण किया। टीम ने गाँव की आंगनवाड़ी और शासकीय प्राथमिक स्कूल में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें बच्चों के समग्र शारीरिक और मानसिक विकास का आकलन किया गया।
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान टीम ने एक गंभीर मामला पाया। आंगनवाड़ी में पढऩे वाली लगभग 2 वर्ष 6 माह की बच्ची नताशा पिता कैलाश, माता जयंती में कॉग्निटल हार्ट डिजीज (जन्मजात दिल में छेद) होने की आशंका व्यक्त की गई। इस आशंका के बाद बच्ची को तत्काल डीईआईसी मंडला के लिए रेफर किया गया है, जहाँ से उसे इको हार्ट जांच और आगे के इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा गया है।
अधिकांश बच्चे मिले माइल्ड टू मॉडरेट एनीमिया से पीडि़त
स्कूल में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं का हीमोग्लोबिन स्तर की भी जांच की गई। जांच में यह पाया गया कि अधिकांश बच्चे माइल्ड टू मॉडरेट एनीमिया (हल्के से मध्यम स्तर का रक्त अल्पता) से पीडि़त हैं। आरबीएसके टीम ने इन बच्चों के शिक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को परामर्श दिया। बच्चों को 60 दिनों के लिए पिंक आयरन की गोली (आयरन फोलिक एसिड डोज) दिन में एक बार देने की सलाह दी गई। टीम ने समझाया कि यह खुराक न केवल रक्त आपूर्ति में सुधार करेगी, बल्कि बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक स्थिति को भी बेहतर बनाने में मदद करेगी।
मौसमी बीमारियों का किया तत्काल उपचार
एनीमिया के साथ-साथ कई बच्चों को सामान्य मौसमी बीमारियों जैसे सर्दी, जुकाम और शरीर में खुजली की शिकायत भी थी। टीम ने ऐसे बच्चों को तुरंत उपचार दिया और स्वास्थ्य संबंधी उचित सलाह एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। इस स्वास्थ्य भ्रमण कार्यक्रम में आरबीएसके टीम से डॉ. अजय कुमार खांडेल और डॉ. मनोरमा पांडे के साथ स्कूल के शिक्षक एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को सफल बनाने में सहयोग किया।









