32 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन, 21 महिलाओं का हुआ ऑपरेशन

32 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन, 21 महिलाओं का हुआ ऑपरेशन

  • फिक्स डे शिविर अंतर्गत महिला नसबंदी शिविर आयोजित
  • महिलाओं का दूरबीन पद्धति से हुआ नसबंदी ऑपरेशन

मंडला महावीर न्यूज 29. महिला नसबंदी शिविर फिक्स डे के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज में आयोजित किया जा रहा है। आयोजित नसबंदी शिविर में चयनित महिलाओं को नि:शुल्क सेवा प्रदान की गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज में आयोजित नसबंदी शिविर में 32 महिलाओं ने नसबंदी कराने रजिस्ट्रेशन कराया। जिसमें सभी महिलाओं का जांच परीक्षण किया गया। जांच के बाद 11 महिलाएं ऑपरेशन के लिए अपात्र हुई। जिसके बाद सभी चयनित 21 महिलाओं का नसबंदी ऑपरेशन के लिये चयन किया गया। शिविर में आई महिलाओं की नसबंदी ऑपरेशन के बाद नि:शुल्क दवाएं देकर डिस्चार्ज किया गया।जानकारी अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज में दूरबीन पद्धति से महिला नसबंदी शिविर के लिये अधिकारियों, कर्मचारियों को तैनात किया गया था। जिससे शिविर सफलता पूर्वक संपन्न हो सके। शिविर के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य केन्द्र के स्टाफ को जिम्मेदारी सौंपी गई। शिविर में प्रशासनिक व्यवस्था के लिए शिविर प्रभारी सीबीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल, महिलाओं के पंजीयन के लिए बीईई विजय मरावी, मदन लाल परते, नरेन्द्र सुपरवाईजर, काउंसिलिंग संध्या मरावी, महिला जांच एवं परीक्षण के लिए नर्सिंग ऑफीसर राजकुमारी सैयाम, बीपी जांच डॉ. राजेश अहिरवार, डॉ. राकेश विश्रोई, पैथालॉजी जांच के लिए मोनिका सिंगरौरे, प्रदीप कछवाहा और वीर सिंह, ओटी में सोनिका उइके, प्रर्मिला पुष्पकर, प्रतिमा हरदहा, सपना पटेल, सूरज यादव, नसबंदी ऑपरेशन के पूर्व इंजेक्शन एवं ड्यूटी में नर्सिंग स्टाफ निश्तेतक इंजेक्शन लगान के लिए डॉ. देशबंधु उइके, कैम्प की व्यवस्था के लिए फार्मासिस्ट कमलेश सिंह समेत अन्य व्यवस्थाओं में स्टाप के अन्य कर्मचारियों ने सहयोग किया।सीबीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल ने बताया कि शिविर में एलटीटी सर्जन डॉ. गौरव जेटली ने नसबंदी ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के पूर्व मेडिकल ऑफीसर द्वारा जांच की गई। महिलाओं का ऑपरेशन से पूर्व यूरिन, रक्त समेत अन्य जांचे पैथोलॉजी में कराई गई। अस्पताल परिसर में नसबंदी ऑपरेशन कराने पहुंची महिलाओं ने परिजनों व छोटे बच्चों के साथ डेरा डाल दिया था। सभी जांचों के बाद महिलाओं का नसबंदी ऑपरेशन किया गया।

पुरूषों की भागीदारी आवश्यक 

बीईई विजय मरावी ने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम द्वारा जानकारी दी गई है कि पुरूष नसबंदी का मुख्य उद्देश्य है कि महिलाओं के साथ पुरूष की भागीदारी आवश्यक है। जिससे पुरूष परिवार नियोजन अपनाकर अपनी भागीदारी तय कर सके। पुरूष नसबंदी एक सरल पद्वति से की जाती है। जिसे बिना चीरा, बिना टांका पुरूष नसबंदी ऑपरेशन कहते हैं। ऑपरेशन कराने वाले पुरूषों को सरकार के द्वारा एक क्षतिपूर्ति प्रोत्साहन के रूप में तीन हजार रूपये दिये जाते हैं।


 

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