ठंड का कहर-अलाव की आस में ठिठुर रहे ग्रामीण, प्रशासन बेसुध

ठंड का कहर-अलाव की आस में ठिठुर रहे ग्रामीण, प्रशासन बेसुध

  • पंडरिया और खैरी में ठंड की मार
  • अलाव न मिलने पर टायर और प्लास्टिक जलाने को मजबूर लोग
  • पर्यावरण पर मंडराया खतरा

मंडला महावीर न्यूज 29. ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप अब जानलेवा होता जा रहा है। तापमान में गिरावट और गलन बढऩे के बावजूद ग्राम पंचायत पंडरिया एवं खैरी में प्रशासन द्वारा अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। हाड़कंपाऊ ठंड और कोहरे की दोहरी मार झेल रहे लोग सुबह-शाम घरों में कैद होने को मजबूर हैं, वहीं गरीब तबका फटे-पुराने कपड़ों में ठिठुरते हुए रातें गुजार रहा है।

बताया गया कि बुधवार को क्षेत्र में गलन इतनी तेज रही कि लोग दिनभर कांपते नजर आए। तड़के घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी इतनी कम थी कि वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। जहां साधन संपन्न लोग घरों में हीटर और ब्लोअर के सहारे राहत पा रहे हैं, वहीं गरीब और मजदूरों के बच्चों के लिए यह मौसम मुसीबत बन गया है। सूर्यास्त होते ही गलन और बर्फीली हवाओं के चलते लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया है।

जानलेवा धुएं का ले रहे सहारा 

अलाव की सरकारी व्यवस्था न होने के कारण लोग खुद को गर्म रखने के लिए खतरनाक कदम उठा रहे हैं। लकड़ी के अभाव में लोग कूड़ा-करकट, प्लास्टिक और पुराने टायर जलाकर ठंड से बचने का जतन कर रहे हैं। इससे निकलने वाला जहरीला धुआं न केवल पर्यावरण को दूषित कर रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।

टूट गई पुरानी परंपरा 

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि प्रतिवर्ष ठंड का जोर पकड़ते ही पंचायत द्वारा मुख्य चौराहों, बस स्टैंड, अस्पताल और गरीब बस्तियों में सरकारी अलाव जलाए जाते थे। लेकिन इस बार कड़ाके की ठंड पडऩे के बावजूद अब तक प्रशासन की नींद नहीं खुली है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके।


 

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