मवई विकासखंड में सड़क हादसा
- दो मोटरसाइकिलों की टक्कर में तीन की दर्दनाक मौत
- हादसे के घंटों बाद भी नहीं पहुँची 108 एम्बुलेंस
- स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल
- ग्रामीणों ने खुद उठाया शवों का जिम्मा, एक गंभीर घायल
मंडला महावीर न्यूज 29. मवई विकासखंड के धनगांव और खड़ादेवरी के बीच खड़देवरी पुलिया पर शुक्रवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे ग्रामीणों और पुलिस की मदद से इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मवई भेजा गया है
जानकारी अनुसार दो बाईक की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य संभाला। हालांकि इस दौरान क्षेत्र की आपातकालीन सेवाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई। बार-बार कॉल करने के बावजूद आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सेवा देने वाली 108 एम्बुलेंस और स्थानीय अस्पताल की एम्बुलेंस दोनों ही मौके पर नहीं पहुँचीं।
ग्रामीणों और 112 डायल ने संभाला मोर्चा
बताया गया कि काफी देर तक एम्बुलेंस नहीं आने से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष देखने को मिला। ग्रामीणों ने स्वयं मृतकों की पहचान करने का प्रयास किया, लेकिन शवों की गंभीर स्थिति के कारण इसमें दिक्कतें आईं। एम्बुलेंस सेवा पूरी तरह नदारद रहने के बाद ग्रामीणों और 112 पुलिस सेवा ने स्थिति को संभाला। ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर शवों को अपने स्तर पर अस्पताल भेजने में सहयोग किया। गंभीर रूप से घायल युवक को भी तत्काल इलाज के लिए सीएचसी मवई भेजा गया।
तीन युवक की मौत और एक युवक गंभीर घायल
बताया गया कि धनगांव और खड़ादेवरी के बीच खड़देवरी पुलिया पर दो बाईक की भीषण टक्कर से तीन युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में हर्षवर्धन निवासी ग्राम अतरिया, सुजीत मरकाम निवासी देवरी डिंडौरी और निर्मल मरावी निवासी सिझौरा की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में राजेन्द्र मरावी गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे सीएचसी मवई में उपचार के लिए लाया गया।
एम्बुलेंस ना आने पर खड़े हुए सवाल
इस गंभीर हादसे ने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं और एम्बुलेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अगर एम्बुलेंस समय पर आती, तो शायद घायल की स्थिति और बेहतर हो सकती थी। स्थानीय प्रशासन को इस मामले में जवाब देना होगा कि आपातकालीन स्थिति में त्वरित सेवा क्यों नदारद रही।










