दो उचित मूल्य की दुकानों से 3.91 लाख के खाद्यान्न का गबन

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ा घोटाला

  • दो उचित मूल्य की दुकानों से 3.91 लाख के खाद्यान्न का गबन
  • विक्रेता समेत तीन पर एफआईआर दर्ज
  • गरीबों के राशन की कालाबाजारी
  • पीओएस मशीन में अंगूठा लगाकर ग्राहकों को नहीं दिया अनाज

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के बीजाडांडी थाना क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित होने वाली दो उचित मूल्य की दुकानों में करीब 3.91 लाख के खाद्यान्न के गबन और कालाबाजारी का मामला सामने आया है। इस संबंध में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने विक्रेता समेत सहकारी समिति के प्रबंधक और प्रशासक (अध्यक्ष) के विरुद्ध दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। बताया गया कि बीजाडांडी पुलिस थाना में विगत 30 अक्टूबर को उप-निरीक्षक पंकज विश्वकर्मा की ओर से दो एफआईआर दर्ज की गईं।

जानकारी अनुसार बीजाडांडी के जमठार और भटाडुंगरिया सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किये गए गबन के मामले में तीन व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है, जिन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिन आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें जगदीश वरकड़े उचित मूल्य दुकान विक्रेता, शंकर लाल यादव समिति प्रबंधक, सरोज कुमार कुजूर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित लेम्पस छिबलिया के प्रशासक (अध्यक्ष) है।

ऐसा डाला गरीबों के राशन पर डाका 

बताया गया कि इस गरीबों के राशन के गबन की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि आरोपी जगदीश वरकड़े द्वारा माह जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर 2025 का खाद्यान्न वितरित नहीं किया गया। विशेष रूप से भटाडुंगरिया दुकान पर यह पाया गया कि विक्रेता ने पीओएस मशीन में हितग्राहियों का अंगूठा लगाकर खाद्यान्न की मात्रा चढ़ा दी, लेकिन उन्हें राशन नहीं दिया गया। अगस्त 2025 में भी दोनों दुकानों पर वितरण बहुत कम हुआ था, जिसमें जमठार में 71.94 प्रतिशत, भटाडुंगरिया में 14.4 प्रतिशत था, जिसके कारण हितग्राहियों को सितंबर माह का आवंटन भी कम मिला। जिसके कारण हितग्राहियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें दर्ज कराने के बाद यह मामला प्रकाश में आया। विक्रेता द्वारा कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने के बाद अभियोजन के लिए कलेक्टर मंडला से अनुमोदन प्राप्त किया गया, जिसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। आरोपियों पर मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2015 की विभिन्न कंडिकाओं और दुकान आबंटन प्राधिकार पत्र की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन करने का आरोप है।

दो राशन दुकानों से किया गबन

बताया गया कि गबन का यह मामला जून से अक्टूबर 2025 के बीच का है, जिसकी जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) निवास द्वारा की गई थी। जांच में पाया गया कि ग्राम जमठार में चावल, गेहूं और नमक में 1,02,005 का गबन किया गया। वहीं भटाडुंगरिया में चावल, गेहूं और शक्कर में 2,89,765 का गबन किया गया। दोनों दुकानों से गबन की गई खाद्यान्न की कुल मात्रा लगभग 99 क्विंटल से अधिक है, जिसकी शासकीय राशि 3 लाख 91 हजार 770 रूपए बताई गई है।


 

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