जिला चिकित्सालय मंडला में बड़ी उपलब्धि
- 3 वर्षीय बच्चे की जटिल हड्डी की जन्मजात विकृति की सफल सर्जरी
- निजी अस्पताल में असफल ऑपरेशन के बाद मंडला जिला अस्पताल में मिली सफलता
- 3 वर्षीय बालक को मिला नया जीवन
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला चिकित्सालय मंडला ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए 3 वर्षीय बालक हितेश बाम्बरे की अत्यंत जटिल हड्डी सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की है। बालक टिबिया हड्डी का जन्मजात स्यूडोआर्थ्रोसिस नामक एक दुर्लभ जन्मजात विकृति से पीडि़त था, जिसके कारण पिंडली की हड्डी जुड़ नहीं पा रही थी और वह चलने में असमर्थ हो गया था। यह केस इसलिए भी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि लगभग एक वर्ष पूर्व एक निजी सुखसागर मेडिकल कॉलेज में कराया गया बच्चे का ऑपरेशन असफल रहा था, जिससे पैर की विकृति और बढ़ गई थी।
बताया गया कि जिला चिकित्सालय मंडला में पदस्थ डॉ. सूरज मरावी और डॉ. अंकित के मार्गदर्शन में 13 नवंबर को यह जटिल ऑर्थोपेडिक सर्जरी की गई। ऑपरेशन के दौरान बच्चे की टेढ़ी टिबिया हड्डी को तीन हिस्सों में काटकर रॉड एवं प्लेट की सहायता से सही स्थिति में स्थिर किया गया। यह अत्यंत तकनीकी और जोखिमपूर्ण प्रक्रिया थी।
डॉ. सूरज मरावी ने बताया कि विशेषज्ञ टीम जिसमें निश्चेतना टीम से डॉ. प्रवीण उइके, डॉ. सोनम श्रीवास, और डॉ. निकिता चौरसिया भी शामिल थे, वहीं ओटी टीम में नर्सिंग ऑफिसर ब्रजेंद्र बैरागी, पुष्पेंद्र, सोमती, नर्सिंग सिस्टर शाहनाज़, विनीता, वार्ड बॉय मुकेश, अमित एवं विमला का विशेष योगदान रहा। सभी सदस्यों ने समर्पण, टीमवर्क और पेशेवर कुशलता के साथ कार्य करते हुए इस सर्जरी को सफल बनाया।
डॉ. सूरज मरावी ने बताया कि यह केस अत्यंत चुनौतीपूर्ण था क्योंकि बच्चे की हड्डी पहले से विकृत और कमजोर हो चुकी थी, लेकिन विशेषज्ञ टीम के सामूहिक प्रयास और आधुनिक तकनीक के उपयोग से यह ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। ऑपरेशन के बाद बच्चे की स्थिति सामान्य है और वह अब धीरे-धीरे चलने-फिरने में सक्षम हो रहा है। यह उपलब्धि जिला चिकित्सालय मंडला के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि इस स्तर की जटिल हड्डी सर्जरी यहां पहली बार सफलता के साथ की गई है।










