सरकारी राशन दुकान में बाहरी व्यक्तियों का अवैध डेरा

सरकारी राशन दुकान में बाहरी व्यक्तियों का अवैध डेरा

  • सैल्समेन ने बिना अनुमति सौंपी चाबी, लाखों के अनाज पर गंभीर खतरा
  • मुगदरा में नियमों का खुला उल्लंघन
  • हरियाणा के व्यक्तियों को ठहराने और सरकारी चावल के दुरुपयोग पर कमीशन का संदेह
  • कलेक्टर से शिकायत की तैयारी
  • कमीशनखोरी का संदेह, ग्रामीणों में आक्रोश

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले की ग्राम पंचायत मुगदरा में संचालित सरकारी राशन दुकान से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए राशन दुकान के सैल्समेन ने दो बाहरी व्यक्तियों को बिना किसी अनुमति के दुकान के अंदर न केवल रुकने की जगह दी है, बल्कि उन्हें दुकान की चाबी तक सौंप दी है।ग्रामीणों ने बताया कि ये दोनों व्यक्ति हरियाणा के रहने वाले हैं और ग्राम मुगदरा निवासी अशोक ठाकुर के कहने पर आसपास के खेतों में हार्वेस्टर मशीन से फसल कटाई का काम करने आए हुए हैं। सैल्समेन ने उन्हें न केवल दुकान के अंदर स्थायी रूप से रहने और भोजन पकाने की व्यवस्था दी, बल्कि लाखों रुपए मूल्य का गेहूं, चावल, शक्कर और नमक सहित अन्य खाद्यान्न सामग्री से भरे शासकीय भवन की चाबी भी उन्हें सौंप दी है।

अनाज की सुरक्षा पर गंभीर खतरा 

बताया गया कि यह मामला न केवल सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का है, बल्कि लाखों रुपए के सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अनाज की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सैल्समेन ने यह व्यवस्था करने के लिए न तो फूड विभाग से कोई आधिकारिक अनुमति ली है और न ही स्थानीय थाना बम्हनी बंजर को इसकी कोई सूचना दी है। सूत्रों के अनुसार सैल्समेन का इन हार्वेस्टर मशीन चलाने वाले व्यक्तियों की फसल कटाई पर कमीशन तय है, जिसके चलते उसने निजी लाभ के लिए सरकारी राशन दुकान को डेरा बनाने की अनुमति दे दी।

सरकारी चावल के दुरुपयोग का आरोप 

आरोप है कि राशन दुकान में मिलने वाला शासकीय चावल भी इन बाहरी लोगों द्वारा पर्सनल उपयोग में लिया जा रहा है। यानी सरकारी अनाज की खुलेआम चोरी और दुरुपयोग किया जा रहा है। सैल्समेन की यह लापरवाही मंडला पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के सख्त सुरक्षा निर्देशों के बावजूद सामने आई है, जो कई सवाल खड़े कर रही है।

कलेक्टर से शिकायत की तैयारी 

ग्रामीणों ने इस लापरवाही पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि रात के वक्त लाखों का राशन गायब हो जाता है या कोई बड़ी वारदात घटती है, तो इसकी जिम्मेदारी सैल्समेन और संबंधित विभाग की होगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि फूड विभाग और स्थानीय प्रशासन तत्काल इस मामले की जांच कर सैल्समेन पर कड़ी कार्रवाई करे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे और इस पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर से करेंगे।

इनका कहना है

ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप की जांच कर उक्त व्यक्तियों की जांच तत्काल कराई जाएगी, जिसके लिए संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश दे रहा हूं, मौके पर उनके दस्तावेजों की जांच व शासकीय कार्यालय में रूकने की अनुमति देखी जाएगी।
रजत सकलेचा, पुलिस अधीक्षक, मंडला



 

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