हाई रिस्क प्रेग्नेंसी से बचाव के लिए विशेष अभियान
- मंडला में जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को प्राथमिकता
- मातृत्व दिवस पर हर माह 9 और 25 तारीख को नि:शुल्क प्रसव पूर्व जांच
- हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की हो रही पहचान
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के साथ गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में हर माह की 09 और 25 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के तहत गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच कराई जा रही है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान करना है, जिससे प्रसव काल में मां और शिशु को सुरक्षित रखा जा सके।
जानकारी अनुसार आयोजित मातृत्व दिवस शिविरों में गर्भवती महिलाओं की कई महत्वपूर्ण जांचें नि:शुल्क की जा रही हैं। इन जांचों में हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, शुगर, एचआईवी, यूरिन प्रोटीन और एल्बुमिन, और सिकलिंग समेत तमाम परीक्षण शामिल हैं। सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के तहत हर महीने की 9 व 25 तारीख को यह आयोजन किया जाता है, और अवकाश होने पर अगले कार्य दिवस में शिविर लगाया जाता है।
ओजीटीटी से हो रही डायबिटीज की पहचान
शिविर में गर्भवती महिलाओं में होने वाले डायबिटीज की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नर्सिंग ऑफीसर मोनिका उइके ने बताया कि इसके लिए ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट यानी ग्लूकोज सहनशीलता परीक्षण प्रमुखता से किया जा रहा है। इस टेस्ट के लिए गर्भवती महिला को 300 एमएल पानी में 75 ग्राम ग्लूकोज मिलाकर शरबत पिलाया जाता है, जिसके करीब दो घंटे बाद रक्त का नमूना लेकर शरीर में शर्करा के स्तर की जांच की जाती है।
जोखिम गर्भावस्था में किया जाता है रैफर
नारायणगंंज सीएचसी सीबीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल ने बताया कि उच्च जोखिम गर्भावस्था में मां और शिशु दोनों में सामान्य गर्भावस्था की तुलना में अधिक जटिलता विकसित होने की संभावना होती है। जांच के दौरान यदि कोई महिला एचआरपी के रूप में चिन्हित होती है, या गर्भाशय की शिकायत पाई जाती है, तो ऐसी महिलाओं को विशेष देखभाल के लिए तत्काल उच्च स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए रेफर किया जाता है।










