मंडला फोर्ट में नई रेल लाइन और कोचिंग डिपो की मांग पकड़ी जोर

मंडला में रेलवे विकास के लिए संघर्ष समिति का बड़ा ऐलान

  • मंडला फोर्ट में नई रेल लाइन और कोचिंग डिपो की मांग पकड़ी जोर
  • मंडला फोर्ट-जबलपुर, मंडला-डिंडोरी रेलमार्ग को पुनर्जीवित करने पर जोर
  • जनप्रतिनिधियों से सामूहिक प्रयास की अपील

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला में रेलवे विकास के लिए संघर्ष समिति द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत मंडला रेलवे संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक गोंडी पब्लिक ट्रस्ट महिष्मति घाट में आयोजित की गई। बैठक में आम जनमानस की रेल संबंधी प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने नागरिकों से सीधे सुझाव आमंत्रित किए, जिसमें कई लोगों ने मंच पर आकर अपने विचार रखे।बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें मंडला फोर्ट से घंसौर और मंडला फोर्ट से जबलपुर तक नवीन रेलमार्ग की मांग, पूर्व में जिन रेलमार्गों का सर्वेक्षण हो चुका है, उनके पुनर्जीवन एवं जीर्णोद्धार का कार्य शीघ्र रेलवे बोर्ड में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया। मंडला फोर्ट स्टेशन पर कोचिंग डिपो का निर्माण करने चर्चा की गई। वर्तमान में संचालित हो रही मालवाहक ट्रेनों के लिए मंडला फोर्ट, घंसौर रोड के समीप शेड का निर्माण की बात कही। मंडला जंक्शन पर वर्तमान में तीन प्लेटफॉर्मों की संख्या को बढ़ाकर चार करने पर सभी ने अपनी सहमति दी।

अन्य जिलों से भी लेंगे समर्थन 

बैठक में यह रणनीति बनाई गई कि यदि मंडला जिले के जनप्रतिनिधि अपेक्षित सहयोग नहीं दे पाते हैं, तो अन्य जिले जिसमें शहडोल, बालाघाट, छत्तीसगढ़, जबलपुर, बैहर, डिंडोरी, गोटेगांव आदि के सांसदों एवं विधायकों से समर्थन लिया जाए। सभी प्रतिनिधियों ने विश्वास दिलाया कि सामूहिक प्रयासों से मंडला-डिंडोरी जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों का विकास और कायाकल्प संभव है।पूर्व सर्वेक्षण में शामिल हुए थे ये स्थान 

बताया गया कि बिलासपुर जोन से पूर्व में हुए सर्वेक्षण में जिन प्रमुख स्टेशनों को शामिल किया गया था, उनमें पंडरिया, बोड़ला, मवई, घुटास, बिछिया, अंजनिया, मंडला फोर्ट, नारायणगंज, कालपी, बीजाडांडी, उदयपुर, जबलपुर, गौरेला, पेंड्रा, अमरकंटक, डिंडोरी, शहपुरा, निवास और बरेला शामिल थे।

भविष्य की बनाई कार्ययोजना 

आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि समिति का एक प्रतिनिधि मंडल शीघ्र ही सभी जिलों के सांसदों, विधायकों और आम जनमानस के साथ बैठक करेगा और नवीन रेलमार्ग निर्माण को प्राथमिकता देते हुए आगे की रणनीति तय करेगा। बैठक का समापन सभी राजनीतिक दलों की सीमाओं से ऊपर उठकर मंडला जिले के सर्वांगीण विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करने के आह्वान के साथ हुआ।

इनका कहना है

मंडला फोर्ट पर कोचिंग डिपो बनने से अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। जबलपुर, नैनपुर में खड़ी होने वाली ट्रेनें मंडला में रेस्ट कर पाएंगी, जिससे जन आंदोलन की आवश्यकता नहीं होगी।
नितिन सोलंकी

मंडला फोर्ट में कोचिंग डिपो बनना चाहिए, डिपो बन जाने से जबलपुर-नैनपुर में खड़ी हो रही ट्रेनों को मंडला में रेस्ट करने की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही जो रेल लाईन प्रस्तावित है, उसे जल्द बनाया जाए।
सोनू सोलंकी

मंडला फोर्ट से जबलपुर डायरेक्ट ट्रेन चलना चाहिए। यदि जबलपुर स्टेशन में जगह नहीं है तो स्टेशन बड़ा करने के लिए हम मंडला जिले में जगह दिलवाएंगे। इससे जिले का विकास होगा।
अखिलेश सोनी 

मंडला जिले को मंडला फोर्ट से डायरेक्ट छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से जोड़ा जाए। जिससे जिले के विकास को गति मिल सकेगी। जिसके बाद जिले में नए रोजगार के भी अवसर मिलेगे।
राहुल श्रीवास

मंडला फोर्ट स्टेशन को बढ़ाकर महाराजपुर से कटरा बायपास लेकर आया जाए, जिससे आवागमन सुव्यवस्थित हो सके और जिले के लोगों को आवागमन में भी सुविधा होगी।
रंजीत कछवाहा

मंडला फोर्ट का विस्तारीकरण कर प्लेटफॉर्म भी बढ़ाया जाए, इसके साथ ही यहाँ रेल्वे पुलिस का थाना भी बनाया जाए। जिले के विकास के लिए सीधे महानगरों से जुडऩा बेहत जरूरी है।
अभिशेख जैन

मंडला फोर्ट का प्लेटफॉर्म बड़ा होना चाहिए, जिसमें चार स्टेशन बन सकते हैं, इसके साथ ही मालगाड़ी को पीछे या अन्य जगह ट्रांसफर किया जाए। जिससे रेल सुविधा में विस्तार हो सकेगा।
अभिराज सोनवानी

मंडला रेल्वे स्टेशन में सुलभ कॉम्लेक्स बंद है। इसके साथ यहां से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए स्टेशन में कोई कैंटीन की व्यवस्था भी नहीं है, यात्रियों की सुविधाओं के लिए जल्द कैंटीन शुरू किया जाए।
ऐश्वर्य सराफ



 

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