मंडला जिला अस्पताल के साइकिल स्टैंड पर मनमानी

मंडला जिला अस्पताल के साइकिल स्टैंड पर मनमानी

  • बिना पहचान, बिना हिसाब तय दर से अधिक वसूल रहे किराया
  • मरीज के परिजनों से गुंडों जैसा व्यवहार, हिसाब मांगने पर 11 बजे के बाद आओ
  • मंडला अस्पताल पार्किंग की खुली लूट

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला चिकित्सालय मंडला का साइकिल स्टैंड इन दिनों खुली लूट और मनमानी का केंद्र बन गया है, जहां मरीजों के परिजन पहले ही तनाव में होते हैं और ऊपर से उन्हें अभद्र व्यवहार और बेहिसाब पार्किंग शुल्क का सामना करना पड़ता है। अस्पताल परिसर के भीतर पार्किंग ठेकेदारों की इस अनियमितता को लेकर बम्हनी निवासी गौरव हरदहा ने शिकायत दर्ज की है।

गौरव हरदहा ने बताया कि वह विगत दिवस 29 अक्टूबर की शाम से 31 अक्टूबर की सुबह तक अपनी मोटरसाइकिल स्टैंड में खड़ी करने पर उनसे कुल 40 रुपये वसूले गए। शुरुआत में 10 रुपये लिए गए और गाड़ी उठाते समय 30 रुपये की मांग की गई, जबकि 24 घंटे के हिसाब से यह दर अत्यधिक थी। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि पैसे मांगने वाले कर्मचारियों के पास न तो अपनी कोई आधिकारिक पहचान थी और न ही शुल्क का कोई लिखित विवरण या दर सूची मौजूद थी।

शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उन्होंने पैसे का हिसाब और दस्तावेज दिखाने के लिए कहा तो स्टैंड कर्मियों ने गुंडों जैसा व्यवहार करते हुए ऊंची आवाज में बात करना शुरू कर दिया। हिसाब-किताब के लिए दस्तावेज मांगने पर टालमटोल करते हुए कहा गया कि 11 बजे के बाद आइए, तब सब दिखा दिया जाएगा।

बताया गया कि जारी की गई पार्किंग रसीद भी पूरी तरह से अमानक है। टिकट पर कहीं भी लिए गए पैसे का विवरण दर्ज नहीं है, और तारीख को पेन से गोला बनाकर दर्शाया गया है। पीडि़त ने सवाल उठाया कि एक व्यक्ति जो मरीज को लेकर पहले से ही परेशान है, उसे महज हिसाब के लिए 11 बजे तक इंतजार करने या बार-बार अस्पताल आने को क्यों कहा जा रहा है?

बताया गया कि जिला अस्पताल के साइकिल स्टैंड पर कार्यरत व्यक्तियों को केवल पैसा कमाने से मतलब है और वे किसी भी नियम या पारदर्शिता का पालन नहीं कर रहे हैं। इस गंभीर लापरवाही और असुविधाजनक व्यवहार पर प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेते हुए पार्किंग ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे मरीजों और उनके परिजनों का उत्पीडऩ रोका जा सके।


 

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