बाल विवाह रोकथाम अभियान में आंगनवाड़ी और स्कूलों ने ली शपथ, निकाली रैली
- बाल विवाह में शामिल होने वाले सेवा प्रदाता भी होंगे दंडित
- अधिनियम 2006 की जानकारी दी गई
मंडला महावीर न्यूज 29. महिला एवं बाल विकास परियोजना नारायणगंज के अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। आंगनवाड़ी केंद्र खैरी क्रमांक 1 में आयोजित संगोष्ठी में परियोजना अधिकारी द्वारा बाल विवाह को अपराध बताते हुए इसके सामाजिक बहिष्कार का आह्वान किया गया।
कार्यकर्ताओं को बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। बताया गया कि अधिनियम की धारा 9, 10, और 11 के तहत बाल विवाह करने या सहयोग देने वाले को दो वर्ष तक का कारावास अथवा एक लाख तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इस दौरान उपस्थित लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि लड़की की सही उम्र 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए। जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था कि विवाह संपन्न कराने वाले पुजारी, दोनों पक्षों के रिश्तेदार, पड़ोसी, मैरिज ब्यूरो, यहाँ तक कि टेंट वाला, बैंड वाला और खाना बनाने वाले जैसे सभी सेवा प्रदाता भी सजा एवं जुर्माने के हकदार होंगे।
बाल विवाह रोकथाम की दिलाई शपथ
परिक्षेत्र नारायणगंज 2 अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुडामैली में भी बाल विवाह रोकथाम के लिए शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्राचार्य श्री भांडे एवं अन्य शिक्षिका, छात्रायें, सेक्टर पर्यवेक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद रैली भी निकाली गई। परियोजना अधिकारी ने बताया कि विकासखंड को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा दीवार लेखन और संगोष्ठियों का आयोजन लगातार किया जा रहा है।












