पोस्टमार्टम के लिए गरीब परिवार से छह हजार ऐंठे

मवई स्वास्थ्य केंद्र में संवेदनहीनता की हद

  • पोस्टमार्टम के लिए गरीब परिवार से छह हजार ऐंठे
  • रतन सिंह बैंगा की मौत के बाद गहराया सवाल
  • कब सुधरेगी मवई क्षेत्र की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था

मंडला महावीर न्यूज 29. मवई क्षेत्र के अमवार निवासी रतन सिंह बैंगा की असमय मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक तरफ विगत दिवस 22 अक्टूबर को पानी में डूबने से मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा, वहीं दूसरी तरफ मवई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के दौरान एक निजी स्वीपर द्वारा छह हजार रूपए लेने का शर्मनाक मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मवई ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

जानकारी अनुसार अमवार निवासी बुधन बाई धुर्वे बैगा के पुत्र रतन सिंह बैंगा की 22 अक्टूबर को पानी में डूबने से मौत हो गई थी, जिनका शव लगातार खोज के बाद मिला। शव मिलने के बाद जब परिजन पोस्टमार्टम के लिए मवई स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, तो वहां तैनात एक प्राइवेट स्वीपर ने उनसे पीएम प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर 6 हजार रूपए की मांग की। परिजनों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, जिसके चलते यह राशि जुटाना असंभव था। अंतत: गांव के लोगों ने आपस में चंदा कर 6 हजार रूपए एकत्र किए, जिसके बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो सकी। पीडि़त परिवार ने कहा सरकार जहां प्रदेश के अंतिम छोर के व्यक्ति तक योजनाओं के लाभ पहुंचने का दावा करती है, वहीं जमीनी सच्चाई कुछ और ही बयां करती है।

ग्रामीणों ने बताया कि मवई स्वास्थ्य केंद्र में स्वीपर का पद कई वर्षों से खाली पड़ा है, बावजूद इसके अब तक सरकार की ओर से कोई स्थायी नियुक्ति नहीं की गई है। पहाड़ी और वनांचल क्षेत्र होने के कारण यहां के लोग पहले ही कठिनाइयों का सामना करते हैं, और स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की कमी से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मवई ने इस गंभीर मामले पर तत्काल कार्रवाई और क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने की मांग की है।

ब्लॉक क कांग्रेस कमेटी ने मंडला प्रशासन और मध्य प्रदेश शासन से मांग की 

1. मवई स्वास्थ्य केंद्र में स्वीपर व आवश्यक मेडिकल स्टाफ की स्थायी नियुक्ति तत्काल की जाए।
2. फ्रीजर और शव संवहन (एम्बुलेंस) की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
3. बैगा समुदाय जैसे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पोस्टमार्टम, एम्बुलेंस और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सभी सुविधाएँ निःशुल्क दी जाएँ।
4. मृतक रतन सिंह बैंगा के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। 


 

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