वृद्धजनों का सम्मान ही सच्चे अर्थों में संस्कृति का निर्वाह

वृद्धाश्रम में मनाई स्नेह की दीपावली

  • श्रमजीवी पत्रकार परिषद ने वृद्धजनों का किया सम्मान
  • वृद्धजनों का सम्मान ही सच्चे अर्थों में संस्कृति का निर्वाह
  • माहिष्मती घाट स्थित वृद्धाश्रम में दीपावली उत्सव

मंडला महावीर न्यूज 29. माहिष्मती घाट स्थित रेडक्रॉस वृद्धाश्रम में दीपावली के अवसर पर उस समय एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब जिले के समाजसेवियों ने यहां निवासरत वृद्धजनों के साथ त्यौहार मनाकर उनका स्नेहपूर्वक सम्मान किया। यह आयोजन श्रमजीवी पत्रकार परिषद की पहल पर किया गया। इस विशेष अवसर पर आयोजकों ने वृद्धजनों को सामग्री देकर सम्मानित किया और उन्हें मिठाई, फल तथा पुष्प भेंट कर दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। वृद्धाश्रम परिसर में माता लक्ष्मी का विधिवत पूजन, आरती और प्रसादी वितरण किया गया। वृद्धाश्रम के वरिष्ठ सदस्य रघुनाथ नंदा ने पूजन संपन्न कराया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रमजीवी पत्रकार परिषद के जिलाध्यक्ष नीरज अग्रवाल रहे। नीरज अग्रवाल ने वृद्धजनों को मिठाई खिलाई और उनके साथ मिलकर दीपावली पूजन एवं आरती में भाग लिया। मुख्य अतिथि नीरज अग्रवाल ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि, वृद्धजनों का सम्मान करना ही सच्चे अर्थों में संस्कृति और संस्कार का निर्वाह है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इनके आशीर्वाद से ही समाज में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि दीपावली जैसे पर्व का असली उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब हम इसे समाज के उन लोगों के साथ मनाएं, जिन्हें स्नेह और अपनेपन की सबसे अधिक आवश्यकता है।

इस प्रेरणादायक पहल में रेडक्रॉस संस्था के वरिष्ठ सदस्य राजेश क्षत्री, जन परिषद जिला अध्यक्ष मुकेश सोनी, सुधीर कांसकर, किशोर रजक, रेनू कछवाहा, श्रीमती उमा यादव, रोहित बघेल, दीपक बैरागी सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने वृद्धजनों के साथ समय बिताकर उन्हें यह एहसास दिलाया कि समाज आज भी उनके योगदान को याद करता है।

वृद्धाश्रम के संचालकों एवं निवासियों ने इस आयोजन के लिए आयोजकों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उनके जीवन में नई ऊर्जा और उमंग भरते हैं। दीपों की रौशनी और मिठास से ओत-प्रोत यह दिन वृद्धजनों के चेहरों पर मुस्कान छोड़ गया, और श्रमजीवी पत्रकार परिषद की यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणा बनी।


 

Leave a Comment