ग्राम पंचायत पड़रिया में आदेश की खुली अवहेलना
- बाजार ठेकेदार ने मृदा शिल्पियों से की अवैध वसूली
- नि:शुल्क स्थान के सरकारी आदेश की उड़ी धज्जियाँ
मंडला महावीर न्यूज 29. दीपावली जैसे प्रमुख पर्व के अवसर पर जहां प्रदेश भर में मृदा शिल्पी (कुम्हार) समुदाय के लोग अपने परम्परागत व्यवसाय को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे थे, वहीं नारायणगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत पड़रिया से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पंचायत के बाजार ठेकेदार द्वारा स्पष्ट सरकारी निर्देशों की खुली अवहेलना करते हुए मृदाशिल्पी दुकानदारों से जबरन बाजार कर (मार्केट टैक्स) वसूला गया है।
जानकारी अनुसार जिला पंचायत कार्यालय मंडला द्वारा पूर्व में स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे। इन आदेशों में निर्देश दिया गया था कि दीपावली के अवसर पर परंपरागत माटी शिल्पियों, कुम्हार समाज के कलाकारों को अपने हस्तनिर्मित उत्पाद दिये, खिलौने, सजावटी सामग्री आदि की बिक्री के लिए हाट-बाजार में निशुल्क स्थान उपलब्ध कराया जाए। इस जिला आदेश के अनुपालन में ग्राम पंचायत पड़रिया ने भी अपने आदेश के तहत बाजार ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए थे कि ऐसे मृदाशिल्पियों को बाजार क्षेत्र में बिना किसी शुल्क के उचित स्थान दिया जाए।
जबरन वसूली और धमकी
बताया गया कि ठेकेदार ने पंचायत के आदेश की खुली अवहेलना की और मृदाशिल्पियों से जबरन बाजार कर वसूला। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि जब उन्होंने इस अवैध वसूली का विरोध किया, तो ठेकेदार ने उन्हें धमकी भरे लहजे में कहा कि दुकान लगानी है तो लगाओ, नहीं तो घर जाओ। इस धमकी से भयभीत होकर कई मृदाशिल्पियों को मजबूरन भुगतान करना पड़ा। दुकानदारों ने यह भी बताया कि उनसे पैसे तो वसूल लिए गए, लेकिन किसी को भी रसीद नहीं दी गई। रसीद मांगने पर ठेकेदार महिला ने आक्रोश में अपशब्दों का प्रयोग किया और र्दुव्यवहार किया।
मृदाशिल्पियों का आक्रोश
इस पूरे घटनाक्रम से मृदाशिल्पी समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। एक स्थानीय मृदाशिल्पी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा हम लोग सालभर इसी त्योहार पर अपनी मेहनत का फल बेचते हैं। सरकार कहती है कि हमें समर्थन दिया जाएगा, पर यहां तो हमसे जबरन पैसे लेकर हमें डराया-धमकाया जा रहा है। ग्रामीणों और शिल्पियों ने प्रशासन से ऐसे ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, जिससे भविष्य में किसी भी कलाकार या छोटे व्यापारी को इस प्रकार की गुंडागर्दी और अवैध वसूली का सामना न करना पड़े।










