बिजली का फंदा लगाकर किया था शिकार, डॉग स्क्वायड जांच में हुआ खुला
- सबूत मिटाने आरोपियों ने दबाया था माता तेंदुए का शव
- वन विभाग ने तीन आरोपियों को दबोचा, एक फरार
- बम्हनी परिक्षेत्र के वृत्त राता में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के पश्चिम सामान्य वन मंडल क्षेत्र अंतर्गत बम्हनी परिक्षेत्र के वृत्त राता में जमीन में गड़े मादा तेंदुए के शव मिलने के सनसनीखेज मामले में वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस अवैध शिकार के मामले में चार लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि मुख्य आरोपी में से एक अभी भी फरार है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सभी आरोपी ग्राम झांगुल के निवासी हैं। गिरफ्तार किये गए आरोपियों में धरम सिंह उइके, मैन सिंह पन्द्रे और कुंजी लाल यादव है। वहीं एक आरोपी मंतू वयाम फरार हो गया है। जिसकी पतासाजी की जा रही है।
एसडीओ श्रीराम सूत्रकार ने बताया कि डॉग स्क्वायड की जांच से आरोपी धरम सिंह पर संदेह गहराया। गहन पूछताछ में धरम सिंह ने स्वीकार किया कि तेंदुए के शव को घसीट कर गड्ढे में दबाया गया था। धरम सिंह ने अन्य तीन आरोपी मैन सिंह पन्द्रे, कुंजी लाल यादव और मंतू वयाम को घटना स्थल के पास संदिग्ध गतिविधि करते देखा था। धरम सिंह के घर से चीतल का सींग भी बरामद हुई है। प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि आरोपियों का मूल उद्देश्य किसी अन्य जानवर का मांस के लिए शिकार करना था, लेकिन उनके लगाए गए बिजली के फंदे में दुर्घटनावश तेंदुआ फंस गया। इसके बाद आरोपियों ने शिकार के सबूत मिटाने के लिए शव को जमीन में दबा दिया था।
ऐसे आया मामला सामने
यह मामला 18 अक्टूबर की रात दीपावली पर्व के दौरान तब सामने आया जब गश्ती दल को बीट झांगुल कक्ष क्रमांक आरएफ 792 से लगे राजस्व क्षेत्र में लैंटाना की झाडिय़ों के बीच तेंदुए का शव जमीन में दबा मिला, जिसका केवल एक पिछला पैर और पूंछ बाहर दिख रही थी। जांच में घटनास्थल से करीब 10 मीटर दूर बिजली के खंभे के नीचे करेंट से जली जमीन, खूंटी गड़ाने के निशान, जीआई तार के टुकड़े और हुक बरामद हुए थे। वन विभाग ने 19 अक्टूबर को शव को निकालकर वन्यजीव फॉरेंसिक जांच के लिए जबलपुर स्थित पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय भेजा था। वन विभाग ने बताया कि फरार आरोपी मंतू वयाम की तलाश जारी है।










