धनतेरस पर सौगात
- मंडला पुलिस ने 100 मोबाइल लौटाकर रोशन की लोगों की दिवाली
- सीईआईआर पोर्टल की मदद से मंडला पुलिस को बड़ी सफलता
- डेढ़ साल में 3.25 करोड़ के 2243 फोन रिकवर
- धनतेरस पर मंडला पुलिस ने लौटाया उनका खोया हुआ मोबाईल
मंडला महावीर न्यूज 29. धनतेरस के अवसर पर मंडला पुलिस ने एक सराहनीय कार्य करते हुए लोगों को उनका खोया हुआ धन वापस लौटाया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने 100 गुम मोबाइल फोन रिकवर किए और उन्हें आज उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया। बताया गया कि थाना कोतवाली की मोबाइल रिकवरी टीम और साइबर डेस्क ने पिछले दो माह में अथक प्रयास किए। टीम ने विभिन्न जिलों से समन्वय स्थापित कर कोतवाली थाना क्षेत्र की शिकायतों में 100 मोबाइल दस्तयाब करने में सफलता प्राप्त की। इन मोबाइलों को कंट्रोल रूम में आयोजित एक कार्यक्रम में उनके असली मालिकों को प्रदान किया गया, जिससे उनके चेहरे पर खुशी और त्योहार की रौनक लौट आई।
मंडला पुलिस की यह उपलब्धि मुख्य रूप से सीईआईआर पोर्टल और एनसीआरपी पोर्टल के प्रभावी उपयोग का परिणाम है। पुलिस अधीक्षक मंडला के निर्देश पर प्रत्येक थाने में साइबर डेस्क की स्थापना की गई है और प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की टीम मोबाइल रिकवरी के कार्यों में लगाई गई है। इन प्रयासों के फलस्वरूप मंडला पुलिस ने पिछले डेढ़ वर्षों वर्ष 2024 और 2025 में 2243 मोबाइल रिकवर किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग सवा तीन करोड़ रुपये है। इसमें वर्ष 2025 में 1197 और वर्ष 2024 में 1046 मोबाइल शामिल हैं।

साइबर सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा पर जागरूकता
कंट्रोल रूम में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने उपस्थित मोबाइल धारकों, परिजनों और मीडिया प्रतिनिधियों को नेशनल साइबर जागरूकता माह के तहत महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने वर्तमान में हो रहे साइबर फ्रॉड और उनसे बचाव के तरीकों के साथ साइबर स्वच्छता के बारे में भी जानकारी साझा की। इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने आमजन को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राह वीर योजना और हिट एंड रन प्रतिकर योजना जैसी शासन की अलग-अलग योजनाओं के संबंध में भी जागरूक किया।
रिकवरी टीम की भूमिका
इस सफल मोबाइल रिकवरी में एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा के नेतृत्व में सायबर नोडल थाना प्रभारी निरीक्षक शफीक खान, सायबर नोडल थाना से पुनीत जंघेला, धीरेन्द्र रुगदिया एवं सायबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।











