सुरेहली में शराबबंदी, बेचने वाले पर लगेगा 10 हजार रूपए का दण्ड
- शराब पीकर घूमने पर पांच हजार जुर्माना और सूचना देने वाले को एक हजार रूपए इनाम
- मातृशक्तियों की अगुवाई में ग्राम सभा का बड़ा फैसला
- महिला ने शुरू किया महिला जागो भठ्ठी तोड़ो आंदोलन
- नशा मुक्ति और जंगल बचाने का भी लिया संकल्प
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले की जनपद पंचायत घुघरी के अंतर्गत आने वाले आदिवासी बाहुल्य ग्राम सुरेहली में नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अभूतपूर्व सामाजिक आंदोलन चलाया जा रहा है। मातृशक्तियों के नेतृत्व में की गई पहल महिला जागो भठ्ठी तोड़ो और जंगल बचाओ नारों के साथ की है। जिसने ग्राम में एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की नींव रखने का संकल्प लिया है।
जानकारी अनुसार इस सशक्त आंदोलन की शुरुआत एक महिला ग्राम सभा के आयोजन से हुई, जिसकी अध्यक्षता सरपंच और उप सरपंच ने की। मातृशक्तियों ने गहन विचार-विमर्श के बाद यह ऐतिहासिक निर्णय लिया कि गांव में नशा का बढ़ता प्रचलन आने वाली पीढ़ी, बच्चों और युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना रहा है। उन्होंने बताया कि नशा केवल शिक्षा और स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पारिवारिक रीति-नीति और परंपराओं को भी बिगाड़ रहा है, जिसके कारण सुरेहली गांव विकास से कोसों दूर होता जा रहा है। इसके साथ ही नशे के कारण आकस्मिक मौतें और दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
इन गंभीर सामाजिक समस्याओं को देखते हुए मातृशक्ति, पितृशक्ति और युवा साथियों ने मिलकर शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। नशा मुक्त ग्राम बनाने के इस संकल्प के साथ एक विशाल रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजित ग्राम सभा में शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए कुछ कठोर नियम बनाए गए, जिसका तत्काल प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। इन नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है, इसके साथ ही सूचना देने वालों को भी पुरस्कृत किये जाने का भी निर्णय लिया गया।
जुर्माने के साथ दिया जाएगा पुरस्कार
ग्राम सुरेहली को नशा से मुक्त करने और नशा मुक्त ग्राम बनाने की पहल करते हुए ग्राम सभा में दण्ड, जुर्माना लगाना का प्रावधान बनाया गया। जिसमें ग्राम में शराब बनाकर बेचने वालों पर 10 हजार रूपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं ग्राम में शराब पीकर घूमते हुए पाए जाने पर पांच हजार रुपए का दण्ड लगाया जाएगा। इसके साथ ही नशे के साक्ष्य सहित सही जानकारी देने पर सूचना देने वाले को एक हजार रूपए के के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह निर्णय ग्राम में शराब के उत्पादन, बिक्री और सेवन पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
पर्यावरण संरक्षण का भी लिया संकल्प
नशा मुक्ति के साथ ही ग्राम सुरेहली में आयोजित ग्राम सभा ने पर्यावरण संरक्षण पर भी महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। जंगलों और पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए जंगल से गीली लकड़ी लाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इस अभियान में महिला जागो भठ्ठी तोड़ो, जंगल बचाओ और पर्यावरण बचाओ के नारे लगाते हुए मातृशक्तियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे यह आंदोलन समग्र सामाजिक सुधार का प्रतीक बन गया।
सामाजिक सहयोग से होगी मासिक समीक्षा
इस नशा मुक्ति और जंगल बचाओ आंदोलन में उप सरपंच मालती धुर्वे और लक्ष्मी धुर्वे, द्रोपती, सुशीला मसराम, माया बाई, देवकी मरावी, फूलवती, कलावती धुर्वे, सेवकली मरावी, गुलाबाई धूमकेती, पार्वती धूमकेती, जय सिया पूसाम, सुमंत्री, और मनीषा वालरे समेत समस्त मातृशक्तियों ने सक्रिय भागीदारी की।
नियमों की होगी प्रतिमाह समीक्षा
ग्राम पंचायत सुरेहली के सरपंच कमलेश कुमार धुर्वे, पेसा एक्ट अध्यक्ष सदन धुर्वे, ग्राम मुकदम गुलाब धुर्वे वरिष्ठ समाजसेवी, अमर सिंह, कालूराम पन्द्रों, अमर सिंह धूमकेती, रमेश पंद्रो, दुर्गा धूमकेती, मते सिंह मरावी, हामी लाल धुर्वे और सभी ग्रामवासियों के सहयोग से पूरे ग्राम में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को नशा और पर्यावरण के लिए जागरूक किया गया। आयोजित ग्राम सभा में यह भी फैसला किया है कि इन बनाए गए नियमों की नियमित निगरानी की जाएगी और इसकी समीक्षा के लिए मासिक बैठकें आयोजित की जाएंगी। यह कदम सुरेहली गांव में एक स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की मजबूत नींव रखेगा, जो अन्य ग्रामों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
रिपोर्टर- दुर्गेश प्रजापति घुघरी ✍️












