10 साल से बगैर अध्यक्ष चल रही सहकारी समिति
- बबलिया में मनमानी कर्मचारी भर्तियों की उच्च-स्तरीय जांच की मांग
- पूर्व अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद मनमानी
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के देवरी कला स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति 347 बबलिया में पिछले लगभग एक दशक से मनमाने तरीके से कर्मचारियों की भर्ती किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। समिति के पूर्व अध्यक्ष और स्थानीय ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और सूक्ष्म जांच किए जाने की मांग जिला प्रशासन से की है।
समिति के पूर्व अध्यक्ष चतुर सिंह भवेदी ने बताया कि उन्होंने लगभग 10 वर्ष पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद न तो कोई चुनाव हुआ और न ही समिति में कोई अधिकृत अध्यक्ष चुना गया। चतुर सिंह भवेदी ने आरोप लगाया कि उनकी सहमति या अनुमोदन के बिना ही समिति प्रबंधक ने उच्च अधिकारियों से कथित मिलीभगत और लेनदेन के चलते अनेक कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी। चतुर सिंह भवेदी ने बताया कि यह नियुक्तियाँ पूर्णत: अवैध हैं और सूक्ष्म जांच होने पर सभी काले कारनामों का पर्दाफाश हो जाएगा।
स्थानीय बेरोजगारों की कर रहे अनदेखी
स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं ने आरोप लगाया है कि इन नियुक्तियों के लिए कभी भी स्थानीय स्तर पर कोई सार्वजनिक सूचना या मुनादी नहीं कराई गई। प्रबंधक द्वारा चुपचाप नियुक्तियां कर दी गईं। ग्रामीणों का दावा है कि अधिकारियों से कथित लेनदेन के चलते बाहर से लाकर कर्मचारियों से काम कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर योग्यता रखने वाले बेरोजगार युवक मौका पाने से वंचित रह गए हैं। ग्रामीण जनों ने सामूहिक रूप से जिला प्रशासन से मांग की है कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति 347 बबलिया के वित्तीय और भर्ती संबंधी सभी पहलुओं की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।









