नवरात्र के नौ दिन किशोर नंगे पैर मौन रख मांगते है भिक्षा
- 25 वर्षो से भिक्षा मांगकर ही दशहरा में सांई बाबा की पुण्यतिथि पर कराते है भंडारा
मंडला महावीर न्यूज 29. नवरात्र में श्रृद्धा के अनेक रूप देखने को मिलते हैं। कोई निर्जला व्रत रखता है तो कोई कठिन तप करता है। जिला मुख्यालय में एक ऐसे ही सांई भक्त भी है जो नौ दिन मौन व्रत रखकर मां की आराधना करते हैं। मौन रखकर ही पूरे शहर में भ्रमण करके भिक्षा मांगते हैं। इसके बाद भिक्षा में मिले दान का दशहरा के दिन भंडारा कराते हैं। ये भक्त की माँ भवानी के प्रति श्रृद्धा और भक्ति ही है, जो इस भक्त को नौ दिन तक शक्ति प्रदान करती है।
जानकारी के अनुसार नर्मदा जी वार्ड निवासी किशोर रजक का यह सिलसिला पिछले 25 साल से चल रहा है। सांई बाबा की पुण्यतिथि पर दशहरा के दिन सांई भक्त भंडारा कराएंगे। यह भंडारा इसलिए भी खास है कि यहां भिक्षा में मिले अनाज से भंडारा कराया जाता है। बताया गया कि किशोर रजक शारदेय नवरात्र के नौ दिन मौन व्रत रखकर नगर भ्रमण करते हुए भिक्षा मांगते हैं, जो कुछ मिलता है उससे साईं बाबा की पुण्य तिथि दशहरा के दिन भंडारा करा देते हैं। नर्मदा जी वार्ड निवासी किशोर रजक का यह सिलसिला 25 वर्षों से चलाते आ रहा हैं और आजीवन चलाने का संकल्प लिए हुए हैं।
साईं बाबा का वेश धारण कर मांगते हैं भंडारा
किशोर रजक साईं बाबा का वेश धारण कर भिक्षा मांगने के लिए हाथ ठेले में सांई प्रतिमा स्थापित कर घर से निकल जाते हैं। नंगे पांव सुबह से शाम तक शहर के अलग-अलग क्षेत्र में भ्रमण करते हैं। चावल, आटा, तेल, घी, र्मिच, मसाला, पैसा जो कुछ मिलता है उसे लेकर वापस घर पहुंच जाते हैं। वर्षों से नवरात्र के दौरान यह सिलसिला लगातार जारी है। अब लोग खुद भिक्षा देने आगे आने लगे हैं। किशोर के दुकान या घर पहुंचने के पहले ही लोग उसके पास पहुंच जाते हैं और यथाशक्ति जिससे जो बनता है सहयोग करते हैं। किशोर ने नर्मदा जी वार्ड स्थित निज निवास में सांई प्रतिमा की स्थापना भी कराई है। जहां दशहरा के दिन सुबह हवन पूजन के बाद भंडारा बनाने का काम शुरू कर दिया जाता है। इस दौरान वार्डवासी भी भंडारा बनावाने में सहयोग करते हैं। पूजा अर्चना के बाद आज दशहरा के दिन दोपहर से देर रात तक भंडारा का वितरण किया जाएगा।










