मां नर्मदा सिद्ध पीठ में पूरी होती हैं नि:संतान और युवाओं की हर मनोकामना
- गौ माता की पावन भूमि पर माँ नर्मदा का प्रताप
- वर्ष 1996 में हुई मंदिर की स्थापना
- 800 से अधिक माताओं को मिला संतान सुख
- हिरदेनगर स्थित माँ रुक्मणी देवी सदाव्रत आश्रम में भक्तों का अटूट श्रृद्धा
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर बसे हिरदेनगर स्थित माँ रूक्मणी देवी सदाव्रत आश्रम में नि:संतान और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। यह श्री माँ रुक्मणी देवी सदाव्रत आश्रम माँ नर्मदा सिद्ध पीठ दरबार भक्तों के लिए आस्था और विश्वास का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। इस सिद्ध पीठ की मान्यता है कि यहाँ आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। आश्रम के आचार्य संतोष महाराज ने बताया कि इस मंदिर की स्थापना वर्ष 1996 की नवरात्रि के दौरान माँ नर्मदा मैया की मूर्ति स्थापित करके की गई थी। स्थापना के बाद से ही इस पावन स्थल पर भक्तों की भीड़ उमडऩे लगी और लोगों ने यहाँ से चमत्कारिक परिणाम प्राप्त किए हैं।
आचार्य संतोष महाराज ने बताया कि माँ नर्मदा के इस दरबार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ नि:संतान दम्पत्तियों की कामना शीघ्र पूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि अब तक 800 से भी अधिक माताओं की सूनी गोद भर चुकी है और उन्हें संतान सुख की प्राप्ति हुई है। इसके साथ ही यहां विवाह योग्य बालक, बालिकाओं की मन्नतें भी पूरी होती हैं और उनके मांगलिक योग शीघ्र बनते हैं। साथ ही बेरोजगार युवाओं की भी कामनाएँ इस दरबार में शीघ्र पूर्ण हो जाती हैं, जिससे यह सिद्ध पीठ हर वर्ग के भक्तों के लिए आशा का केंद्र बना हुआ है।
गौ माता की पावन भूमि का है पुण्य प्रताप
आचार्य संतोष जी महाराज ने मंदिर स्थल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पावन भूमि पहले गौ माता से जुड़ी थी। पुराने समय में गाँव की गाय, बैल और बकरी प्रात: काल इसी स्थान पर एकत्र होते थे, जिसके बाद ग्वाल-बाल उन्हें चराने ले जाते थे। कई गौ माताओं ने इसी स्थान पर बछड़ों को जन्म दिया था। गौ माता की इस पावन भूमि पर जब माँ नर्मदा का मंदिर बन गया, तो माँ का पुण्य प्रताप और गौ माता की भूमि का पुण्य प्रताप कई गुना बढ़ गया। यही कारण है कि यहाँ नि:संतान दम्पत्तियों की कामनाएँ शीघ्र पूर्ण होती हैं।
दरबार में भक्तों का अटूट विश्वास
आचार्य संतोष जी महाराज ने बताया कि श्री माँ रुक्मणी देवी सदाव्रत आश्रम माँ नर्मदा सिद्ध पीठ दरबार में प्रत्येक नवरात्रि के अवसर पर यहां घट स्थापना कर विशेष पूजा-पाठ का आयोजन किया जाता है, इन अवसरों पर भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है। इस दरबार पर भक्तों का यह अटूट विश्वास बना हुआ है कि माँ के आंचल में हर समस्या का समाधान है और हर मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।










