सिकल मित्र-जागरूकता, जेनेटिक काउन्सलिंग, उपचार पर रखेंगे निगरानी

सिकल मित्र पहल अभियान

  • मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य जहां सिकल मित्र पहल की हुई शुरुआत
  • सिकल मित्र-जागरूकता, जेनेटिक काउन्सलिंग, उपचार पर रखेंगे निगरानी

मंडला महावीर न्यूज 29. राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देशन में सिकल मित्र पहल की शुरूआत के साथ ही मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसने सिकल सेल एनीमिया रोग को जड़ से समाप्त करने में आम जनता  की भूमिका सुनिश्चित की हैं। यह राज्यपाल के अनुभव एवं जनजातीय समुदाय के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिणाम है कि सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन अभियान एक जन आन्दोलन का रूप ले रहा हैं।

सिकल मित्र के दायित्व 

सिकल मित्र वह व्यक्ति होता है जो समुदाय में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता फैलाने, जांच कराने के लिए प्रेरित करने, चिन्हित रोगी, वाहकों  का उपचार व परामर्श , दिव्यागंता प्रमाण पत्र व रोगी की सहायता करने और उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जोडऩे जैसे परमार्थ सेवा का कार्य करता हैं। सिकल मित्र क़ोई भी आम व्यक्ति, शासकीय, गैर शासकीय संस्थान , स्वयंसेवक, सामाजिक संगठन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति  बन सकता हैं।

सिकल मित्र पहल के अंतर्गत जिलों में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा एक फॉर्मेट तैयार किया गया है जिसे भरकर सिकल मित्र बनाने और उन्हें प्रशिक्षित कर जिलों में चिन्हित सिकल सेल रोगी एवं वाहकों से मैप किया जायेगा। सिकल मित्र बनना पूर्णत: स्वैच्छिक निर्णय हैं, प्रत्येक सिकल मित्र को प्रशस्ति पत्र दिया जावेगा। वर्तमान में पूरे प्रदेश में अगस्त माह तक 554 सिकल मित्र बने हैं, जबकि रोगी एवं वाहकों की संख्या लगभग 2 लाख 47 हजार 625 हैं और यह संख्या जांच के साथ-साथ बढ़ती रहेंगी जिसकी तुलना में सिकल मित्रो की संख्या बहुत कम हैं।

प्रदेश भर में सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम चल रहा है जिसके अन्तगर्त नि:स्वार्थ भाव से परमार्थ के कार्य किये जा रहे हैं ऐसे में सिकल मित्र बनकर रोगी की सेवा करना एक अच्छी पहल है। इस अभियान का प्रचार प्रसार अधिक से अधिक हो ताकि समाज सेवी सिकल मित्र बन सके। माननीय राज्यपाल के इस अभियान में जुड़े और मध्यप्रदेश को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनायें ।


लेखिका डॉ दीपमाला रावत राज भवन भोपाल  


 

Leave a Comment