शिक्षकों के साथ बराबरी से सम्मान पाने वाले सुकल सिंह की दुखद मौत
- सुकल सिंह की मृत्य पर एसोसिएशन ने जताया शोक
मंडला महावीर न्यूज 29. एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जो न केवल अपने कर्तव्यों का भलीभांति निर्वहन करता था बल्कि शिक्षकों के दायित्वों से भी आगे जाकर अपने कर्तव्य स्थल आश्रम शाला के बच्चों में ऐसे संस्कारों को भी सहेजता था जो आसपास की शालाओं में कहीं देखने को न मिलता था। अपनी कार्य शैली से जहां बच्चों और ग्रामीणों के बीच प्रशंसनीय छवि उकेर रखी थी वहीं ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन ने भी उस शख़्स के प्रेरणादायक व्यक्तित्व को पहचान कर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होने के बावजूद शिक्षक दिवस के अवसर पर सिर्फ शिक्षकों को मिलने वाले सम्मान के दिन उन्हें भी बराबर से सम्मान देकर ऐसे प्रेरणा स्त्रोतों को प्रोत्साहित किया था। बात आश्रम शाला कापा विख नारायणगंज के सुकल सिंह परस्ते की है जिनकी गत गुरुवार के दिन बस की टक्कर ने प्राण हर लिए।
स्व सुकल सिंह परस्ते अपनी अनुकरणीय कार्यशैली व विनम्र व्यवहार के इतने धनी थे कि कार्य स्थल की पूरी जनता उनके पैतृक ग्राम दरगढ़ में अंतिम संस्कार में सम्मिलित हुई जो कि ऐतिहासिक था। शिक्षक दिवस पर सम्मान प्राप्त किए 15 दिन भी पूरे नहीं हुए और इस 26जनवरी में संकुल स्तर पर गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मान के लिए नामित किया गया था ऐसे में इस तरह एक दुर्घटना के कारण उनके काल क्वलित होने की खबर पर ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि श्री सुकल सिंह की दर्दनाक मौत से जहां परिवार में अपूर्णीय व्यक्तिगत क्षति हुई वहीं उनकी मौत ने उस प्रेरणा के स्रोत को थाम गया है, जो क्षेत्र के शिक्षकों को निरंतर दिशा दिखाता था। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डी के सिंगौर जिला अध्यक्ष दिलीप मरावी और अन्य पदाधिकारी परिजनों से मिलकर सांत्वना ही दे सके साथ ही उनके स्वत्त्वो का जल्दी से जल्दी भुगतान और बेटे को शीघ्र अनुकंपा नियुक्ति का आश्वासन विकास खंड शिक्षा अधिकारी की हैसियत से दिए।









