कान्हा में प्रकृति के सारथी हो रहे तैयार, गाइड प्रशिक्षण से बढ़ेंगा पर्यटन
- पर्यटकों के साथ तालमेल और कान्हा की खूबियों से रूबरू कराएंगे गाइड
- कान्हा पार्क के 97 गाइडों को दिया जा रहा तीन दिवसीय प्रशिक्षण
- कान्हा के ईको सेंटर खटिया में सरही और खटिया के गाइड ले रहे रिफ्रेशर ट्रेनिंग
मंडला महावीर न्यूज 29. कान्हा नेशनल पार्क आने वाले पर्यटकों को कान्हा से रूबरू कराने वाले गाइडों की अहम भूमिका रहती है। पार्क आने वाले पर्यटक गाइड के आधार पर दी जाने वाली जानकारी से अवगत होते हैं। इस लिहाज से गाइडों के लिए भी पार्क खुलने के पहले रिफ्रेशर कोर्स कराया जाता है। इस कोर्स में गाईडों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कान्हा के खटिया सेंटर में 97 गाइडों को कान्हा क्षेत्र के नेचरलिस्ट ट्रेनर द्वारा दी जा रही है। गाईडों के लिए आयोजित प्रशिक्षण का आज 21 सितंबर को अंतिम तीसरे दिन प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें करीब 97 गाइड शामिल होकर प्रशिक्षण लेगे।
जानकारी अनुसार कान्हा पार्क आने वाले देशी, विदेशी पर्यटकों को कान्हा से रूबरू कराने वाले गाइडों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण में गाइडों को प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का आज रविवार 21 सितंबर को समापन किया जाएगा। इसके बाद कान्हा पार्क के सभी गाईड एक बार फिर कान्हा पार्क में पर्यटकों को सफारी करने के लिए तैयार हो जाएगे। इस प्रशिक्षण के बाद गाइड भी रिफ्रेस हो जाएंगे और एक नई उमंग के साथ कान्हा पार्क में आने वाले पर्यटकों को कान्हा की विशेषताओं से अवगत कराएंगे।
बताया गया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य गाइडों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाना है, जिससे वे पर्यटकों को वन्यजीवों, प्राकृतिक संरक्षण और स्थानीय संस्कृति के बारे में सटीक जानकारी दे सकें। प्रशिक्षण के पहले दिन की शुरूआत नेचर सफारी के साथ हुई, जिसके बाद प्रतिभागियों को वन्यजीव, तितलियाँ, पक्षी और पार्क के नियमों के बारे में जानकारी दी गई। संवाद और संचार कौशल पर विस्तार से बताया गया जिससे गाइड पर्यटकों के साथ बेहतर तरीके से जुड़ सकें। प्रथम दिवस प्रशिक्षण के अंत में सभी ने नेचर ट्रेल में हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने व्यावहारिक रूप से जंगल और उसके पर्यावरण को समझा।
केस स्टडी और रोल प्ले की दी प्रस्तुति
दूसरे दिन का प्रशिक्षण भी नेचर सफारी के साथ शुरू हुआ। इस दौरान प्रमुख शाकाहारी प्रजातियों, सरीसृपों, पक्षियों और आदिवासी जीवनशैली पर सत्र आयोजित किए गए। इसके साथ ही इस दौरान कौन कितना है हटके जैसे सत्रों के माध्यम से गाइडों को जानवरों के व्यवहार और विशिष्टताओं को समझने का मौका मिला। केस स्टडी पर चर्चा की गई और रोल प्ले के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान को और मजबूत किया गया।
प्रतिभागियों को किया जाएगा सम्मानित
बताया गया कि गाईडों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण का समापन आज 21 सितंबर को होगा, जहाँ गाइडों को पर्यटन और संरक्षण के संबंध और आदिवासी और स्थानीय जनजीवन जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद गाइड पर्यटकों के साथ अच्छा तालमेल बना सके और पर्यटकों को कान्हा की खूबियों से अवगत करा सके। समापन कार्यक्रम के साथ सभी प्रतिभागियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया जाएगा। इस प्रशिक्षण शिविर में विशेषज्ञ याजुवेंद्र उपाध्याय, मिस स्नेहा सुंदरम, अभिलाष वर्शी, आशीष कछवाहा और फील्ड बायोलॉजिस्ट ने विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव और ज्ञान साझा किए।










