जनपद सदस्य ने स्कूल में बच्चों को दिया दंड, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
- शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद
- सहायक आयुक्त जनजाति कार्यविभाग ने जांच का दिया आश्वासन
मंडला महावीर न्यूज 29. हाई स्कूल डोंगरमंडला में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां जनपद सदस्य मुकेश मार्को द्वारा बच्चों को शिक्षण कार्य कराने के साथ उन्हें दंडित भी किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय लोगों के बीच विवाद बढ़ गया है। वायरल वीडियो में स्पष्ट नजर आ रहा है कि जनपद सदस्य मुकेश मार्को एक कक्षा में उपस्थित सभी छात्र, छात्राओं को एक-एक कर एक लकड़ी की छड़ी से मारते हुए नजर आ रहे है, जो इनके अधिकार क्षेत्र के बाहर है।
जानकारी अनुसार अब स्कूल के शिक्षको को भी मारने और सजा देने का अधिकार नहीं है, बावजूद इसके एक जनप्रतिनिधि ने स्कूल के छात्रों को मारा। ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर ने बताया कि नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत छात्रों को शरीरिक दंड और मानसिक उत्पीडऩ करने का अधिकार नहीं है। बावजूद इसके बिना अनुमति के एक जनप्रतिनिधि का शाला में आकर बच्चों को पढ़ाना और उन्हे दण्डित करना अनुचित है।
बताया गया कि विगत दिवस जनपद पंचायत सदस्य मुकेश मार्को अचानक हाई स्कूल डोंगरमंडला के विद्यालय पहुँचे और एक कक्षा में बच्चों को पढ़ाने लगे। बच्चों को पढ़ाते समय उनके हाथ एक पतली लकड़ी की छड़ी भी थी, जो पढ़ाते समय बच्चों की टेबल भी मार रहे थे, इसी दौरान उन्होंने कुछ विद्यार्थियों को इसी पतली छड़ी से दंडित भी किया। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री गुमास्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि जनपद सदस्य ने बच्चों से शिक्षण कार्य कराया था, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें दंड देने की जानकारी नहीं है।
छात्रों को विद्यालय में दण्ड देने का अधिकार किसी को नहीं
बताया गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो स्वयं जनपद सदस्य मुकेश मार्को द्वारा साझा किया गया है। इस वीडियो में वे बच्चों को पढ़ाते हुए और उन्हें दंडात्मक गतिविधियां करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षण कार्य और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार केवल शिक्षकों का होता है। एक जनप्रतिनिधि का इस तरह से सीधे हस्तक्षेप करना न केवल अनुचित है, बल्कि नियमों का उल्लंघन भी है।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
बच्चों को छड़ी से मारने का मामला प्रकाश में आने के बाद एसी वंदना गुप्ता ने इस मामले को संज्ञान मे लिया है। उन्होंने कहां यह कृत्य अशोभनीय है। इस वीडियो को कलेक्टर के पास भेजकर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस बयान के बाद उम्मीद है कि मामले की गहन जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इनका कहना है
मामला आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है। उक्त वीडियो को देखते हुए यह कृत्य अशोभनीय है। इसे कलेक्टर के पास भेजकर प्रतिवेदन प्रस्तुत कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
श्रीमती वंदना गुप्ता, सहायक आयुक्त जनजाति कार्यविभाग, मंडला
आरटीई में विद्यार्थियों को शारीरिक दंड निषेध किया गया है यह सर्व विदित है शिक्षक इसका ध्यान रखते हैं। जन प्रतिनिधि से ऐसी गलती दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी जांच होनी चाहिए। बच्चों से कोई शिकायत थी तो प्राचार्य को अवगत कराना चाहिए था।
डीके सिंगौर, प्रदेश अध्यक्ष, ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन मप्र











