मनेरी आईओसीएल प्लांट में सीबीआरएन आपदा पर मॉक ड्रिल
- एनडीआरएफ, एसडीईआरएफ और जिला प्रशासन ने किया संयुक्त अभ्यास
- एलपीजी रिसाव की स्थिति से निपटना सीखा
मंडला महावीर न्यूज 29. आपदा प्रबंधन और जोखिम न्यूनीकरण योजना के तहत, 11 एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) वाराणसी की एक टीम ने निरीक्षक संजीव कुमार गुप्ता के नेतृत्व में मंडला जिले के मनेरी स्थित आईओसीएल एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में सीबीआरएन (रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु) आपदा पर एक संयुक्त मॉक अभ्यास किया। इस अभ्यास में प्लांट कर्मचारी, एसडीईआरएफ, होमगार्ड, पुलिस और जिला प्रशासन ने हिस्सा लिया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य एलपीजी गैस रिसाव जैसी आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटना था। अभ्यास के दौरान एक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें एक एलपीजी गैस टैंकर से रिसाव हो रहा था और कुछ कर्मचारी इसके संपर्क में आकर प्रभावित हो गए थे।
जैसे ही आपातकालीन अलार्म बजा, एनडीआरएफ टीम को बुलाया गया। टीम ने तुरंत स्थिति का आकलन किया, एक ऑपरेशन बेस, मेडिकल पोस्ट और संचार पोस्ट स्थापित किया। इसके बाद, सीबीआरएन सूट पहनकर बचाव दल ने रिसाव के स्रोत को सील कर दिया और प्रभावित कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। पीडि़तों और बचाव दल की परिशोधन प्रक्रिया भी पूरी की गई।
यह पूरा अभ्यास एसडीएम निवास सीएल वर्मा, आईओसीएल के उप महाप्रबंधक एस.एस. बाजपाई, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट नरेश कुमार साहू और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, संसाधनों की दक्षता की जाँच करना और किसी भी वास्तविक सीबीआरएन आपदा की स्थिति में बहुमूल्य जीवन को बचाना था।










