महीनों से नहीं खुल रहा ग्राम भीमा का आंगनबाड़ी केंद्र
- लापरवाही का आरोप, बच्चों को नहीं मिल रहा मिड-डे-मील
- धात्री महिलाएं परेशान, परियोजना अधिकारी ने जांच का दिया आश्वासन
मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद पंचायत बिछिया की ग्राम पंचायत भीमा आंगनबाड़ी केंद्र जुलाई 2025 से लगभग बंद पड़ा है, जिससे बच्चों और गर्भवती-धात्री महिलाओं को मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस घोर लापरवाही से ग्रामीण परेशान हैं और जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम पंचायत सरपंच रामकुमारी सैयाम और अन्य ग्रामीण ओम नरेश सैयाम और किशोर यादव ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र समय पर नहीं खुलता और सप्ताह में एक-दो दिन ही खुलता है, जिसकी जानकारी बच्चों और ग्रामीणों को नहीं मिल पाती। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की अनुपस्थिति के कारण बच्चों को न तो केंद्र पर लाया जाता है और न ही उन्हें मिड-डे-मील या पोषण आहार दिया जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के न होने से गर्भवती और धात्री महिलाओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें न तो सही जानकारी मिल पाती है और न ही उनके लिए आने वाला पोषण आहार वितरित होता है। महिलाओं के नाम पर आने वाला पोषण आहार कहाँ जा रहा है, इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
आशा कार्यकर्ता कर रही लापरवाही
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव की आशा कार्यकर्ता भी अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर रही हैं। वे भीमा से लगभग 25 किलोमीटर दूर रहती हैं, जिससे आपात स्थिति खासकर डिलीवरी के समय महिलाओं को भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की लापरवाही के कारण परिवार नियोजन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं से भी कई लोग वंचित रह जाते हैं।
परियोजना अधिकारी ने दिया जांच का आश्वासन
इस मामले की जानकारी मिलने पर महिला बाल विकास के परियोजना अधिकारी विनोद कुमार वाहने ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि मुझे अभी जानकारी मिली है। मैं शीघ्र ही ग्राम भीमा केंद्र की स्थिति की जानकारी लेता हूं। अगर कोई गड़बड़ी पाई गई तो उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्र सुचारू रूप से चलने लगेगा और सभी को योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।









