एक्सिस बैंक मंडला की लापरवाही से सरकारी काम प्रभावित
- बार-बार दस्तावेज जमा करने पर भी चेक बाउंस, स्कूल प्राचार्य परेशान
मंडला महावीर न्यूज 29. एक्सिस बैंक की मंडला शाखा की घोर लापरवाही और मनमानी के कारण शासकीय हाईस्कूल सेमरखापा के प्राचार्य कृष्ण कुमार हरदहा को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक की इस गैर जिम्मेदाराना रवैये से विद्यालय के महत्वपूर्ण शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्राचार्य कृष्ण कुमार हरदहा ने बताया कि उनके विद्यालय के सात खाते एक्सिस बैंक में संचालित हैं। पूर्व प्राचार्य भारत भूषण नामदेव के 31 अक्टूबर 2019 को सेवानिवृत्त होने के बाद से ही खातों में नए प्राचार्य का नामांतरण नहीं हो पाया है। इसके लिए वे पिछले कई सालों से लगातार बैंक में लिखित आवेदन और सभी जरूरी दस्तावेज लगभग तीन से चार बार जमा करा चुके हैं, लेकिन अब तक पांच खातों में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
बताया गया कि इस समस्या के कारण विद्यालय की विभिन्न निधियां जिसमें रेडक्रॉस, खेलकूद और स्काउट-गाइड से संबंधित पैसों को शासकीय खजाने में समय पर जमा कराने में बाधा आ रही है। इसके साथ ही विद्यालय के रोजमर्रा के लेन-देन भी अस्त-व्यस्त हो गए हैं। प्राचार्य ने बताया कि जब भी वे बैंक में दस्तावेज जमा करते हैं, तो कुछ दिनों तक उनके हस्ताक्षर से लेन-देन होता है, लेकिन जैसे ही बैंक के अधिकारी या कर्मचारी बदलते हैं, उनके द्वारा जारी किए गए चेक यह कहकर बाउंस कर दिए जाते हैं कि हस्ताक्षर मेल नहीं खा रहे। इसके बाद फिर से सारे दस्तावेज जमा कराने पड़ते हैं, तब कहीं जाकर लेन-देन शुरू होता है। यह सिलसिला पिछले कई वर्षों से लगातार चल रहा है।
प्राचार्य कृष्ण कुमार हरदहा ने बताया कि इस समस्या से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नामांतरण न होने के कारण लगातार चेक बाउंस हो रहे हैं। प्रत्येक चेक बाउंस होने पर व्यापारी को 177 की पेनल्टी चुकानी पड़ती है, जिसका भुगतान अंतत: प्राचार्य को अपनी जेब से करना पड़ रहा है। इससे न केवल उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि विद्यालय की प्रतिष्ठा पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
विद्यालय प्रबंधन ने बैंक की इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा है कि एक्सिस बैंक मंडला की इस उदासीनता ने शासकीय कार्यों को ठप कर दिया है। बार-बार दस्तावेज जमा करने के बावजूद बैंक की मनमानी जारी है। विद्यालय ने बैंक प्रबंधन से तत्काल सभी लंबित खातों में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है, अन्यथा इस मामले को जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा।









