वाटर बेल की घंटी से विद्यार्थियों के जीवन में आया बदलाव
- वाटर बेल नवाचार-विद्यार्थियों में पानी पीने की आदत हुई विकसित
- बिंझिया और महाराजपुर के स्कूलों में दिख रहा सकारात्मक प्रभाव
- छात्र-छात्राएँ बन रहे ज्यादा ऊर्जावान
मंडला महावीर न्यूज 29. छोटे-छोटे प्रयासों से भी बड़े और सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। जिला प्रशासन की द वाटर बेल नवाचार की पहल बच्चों में स्वस्थ आदतें विकसित करने और उनके शैक्षिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह उम्मीद की जा रही है कि मंडला जिले के अन्य स्कूल भी इस सफल मॉडल को अपनाकर विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार लाएंगे। बताया गया कि मंडला जिले में जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया द वाटर बेल नवाचार अब विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। एक महीने पहले शुरू हुई इस अनूठी पहल का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में पर्याप्त पानी पीने की आदत डालना है, और इसके प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। विगत माह 8 अगस्त को पीएचई मंत्री संपतिया उईके ने घंटी बजाकर इस नवाचार की शुरुआत की थी, और तब से जिलेके कई स्कूलों में सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है।
जानकारी अनुसार शासकीय हाई स्कूल बिंझिया ने इस पहल को पूरी गंभीरता से अपनाया है। स्कूल के प्रधानाध्यापक मुकेश पांडे ने इस प्रोजेक्ट के महत्व को समझा और इसे लागू करने के लिए पूरे प्रयास किए। उन्होंने सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को इस पहल के बारे में बताया और समझाया कि कैसे हाइड्रेटेड रहना उनके स्वास्थ्य और एकाग्रता के लिए आवश्यक है। इसी तरह पीएम श्री कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महाराजपुर की छात्राओं ने भी इस पहल को पूरी तरह आत्मसात कर लिया है। इस प्रोजेक्ट के तहत स्कूल में दिन में तीन बार घंटी बजती है, जो छात्राओं को पानी पीने की याद दिलाती है।
शिक्षकों की लगन और प्रेरणा का कमाल
बताया गया कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत में कुछ छात्राओं को यह नई आदत थोड़ी अजीब लगी, लेकिन विद्यालय के शिक्षकों ने इसे अपनी जिम्मेदारी माना। वे खुद भी छात्राओं के साथ पानी पीते और उन्हें लगातार प्रोत्साहित करते रहे। शिक्षक-शिक्षिकाओं की इस लगन और प्रेरणा ने धीरे-धीरे पानी पीने की इस गतिविधि को एक आदत में बदल दिया। अब यह वाटर बेल छात्राओं की दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है। इसका सीधा फायदा उनके स्वास्थ्य पर दिख रहा है, क्योंकि उनका शरीर अब ज्यादा हाइड्रेटेड रहता है। इसके साथ ही छात्राओं की एकाग्रता में भी वृद्धि हुई है, जिससे उनके अध्ययन में सुधार आ रहा है।
स्वस्थ आदतों से दिख रहा सकारात्मक परिणाम
बताया गया कि शासकीय हाई स्कूल बिंझिया के विद्यार्थी और पीएम श्री कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला की छात्राएं अब न केवल अपनी पानी की बोतलें नियमित रूप से लाते हैं, बल्कि तय समय पर पानी पीने की आदत भी विकसित कर चुके हैं। इस पहल का सकारात्मक प्रभाव उनके समग्र स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। विद्यार्थी अब खुद को ज्यादा ऊर्जावान महसूस करते हैं, और उनकी पढ़ाई में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।










