संदीपनी स्कूल के छत से गिरा प्लास्टर, मरम्मत की दरकार
- जर्जर भवन में छह सौ विद्यार्थियो की सुरक्षा भगवान भरोसे
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में सीएम राइज संदीपनी स्कूलो के भवन निर्माण में जनजाति कार्य विभाग द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। निर्माण एजेंसी बीडीएस के अफसरो के द्वारा निर्माण कार्य में देरी की जा रही है। इसके चलते सीएम राइज संदीपनी स्कूलो के विद्यार्थियो को जर्जर व जीर्णशीर्ण भवनो में अध्ययन करना पड़ रहा है। बारिश के सीजन में ये स्कूल भवन खतरनाक हो गए है। गत दिवस नारायणगंज के ग्राम टिकरिया स्थित स्कूल भवन की छत का प्लास्टर भर भराकर गिर गया है। इससे स्कूल में अफरा तफरी का माहौल बन गया है। इस दौरान स्कूल के गलियारे में कोई नहीं रहा है। स्कूली बच्चे क्लास में रहे और शैक्षणिक स्टाप कार्यालय कक्ष में काम कर रहे थे।
बताया गया है कि सीएम राइज स्कूलो के भवन का निर्माण नए सिरे से किया जा रहा है। जनजातीय कार्यविभाग के द्वारा निर्माण एजेंसी बीडीएस को बनाया गया। एजेंसी के द्वारा जिले भर के आधा दर्जन से अधिक स्कूलो का निर्माण कार्य किया जा रहा है। करीब दो साल से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी स्कूल भवन का निर्माण पूर्ण नहीं किया गया। बीडीएस के अफसरो की लापरवाही के चलते स्कूल भवन के निर्माण में देरी की जा रही है। यहां इन स्कूलो की सुविधाएं व संसाधनो के लिए नाम दर्ज कराने वाले स्कूली बच्चो को पिछले दो शैक्षणिक सत्रो से शासकीय भवनो में कक्षा लगानी पड़ रही है।
बताया गया कि ये शासकीय भवन पुराने स्कूलो के है जिनकी कई सालो से मरम्मत कार्य नहीं किया गया है। बारिश के सीजन में ये भवन और भी अधिक खतरनाक हो गए है। टिकारिया में गत दिवस स्कूल समय में अचानक भवन की छत से प्लास्टर भरभराकर गिर पड़ा। गनीमत रही कि जिस स्थान पर प्लास्टर गिरा वहां उस समय कोई छात्र या कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे जान.माल की हानि नहीं हुई। करीब 600 छात्र, छात्राओं वाला यह विद्यालय लंबे समय से जर्जर भवन में संचालित हो रहा है।
स्थानीय लोगों व स्कूल प्रबंधन का कहना है कि भवन की समय.समय पर मरम्मत जरूरी है लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते लगातार अनदेखी की जा रही है। इससे पहले भी इसी प्रकार की घटना घट चुकी है उस समय मरम्मत की गई। पूरा भवन जीर्णशीर्ण हो चुका है। स्थानीय नागरिकों व अभिभावकों ने जनजाति कार्य विभाग से मांग की है कि पुराने भवन की तकनीकी जांच और तत्काल मरम्मत कराई जाए।
विद्यालय की प्राचार्य अर्चना नेमा का कहना है कि बिल्डिंग अत्यंत पुरानी है जिसकी मरम्मत की आवश्यकता पूर्व से ही बनी हुई है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा वरिष्ठ कार्यालय को कई बार सूचित किया जा चुका है लेकिन अब तक आवश्यक मरम्मत कार्य नहीं हो पाया।









