शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा, ग्रामीणों के विरोध के बाद बेदखली के आदेश जारी
- ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई
- टिकरिया में अवैध निर्माण का मामला
- ग्रामीणों ने दी थी आंदोलन की चेतावनी
मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज तहसील के ग्राम टिकरिया में शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया है। ग्रामीणों द्वारा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद तहसीलदार नारायणगंज ने अवैध कब्जाधारी राजकुमारी धुर्वे को शासकीय भूमि से बेदखल करने का आदेश जारी कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले आठ महीनों से वे टिकरिया में कई शासकीय भवनों और भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायत कर रहे थे, जिससे सार्वजनिक सुविधाओं में बाधा आ रही है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से सांस्कृतिक रंग मंच के पास पक्की दुकानें बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हो रहे थे, और कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे थे। ग्रामीणों ने ज्ञापन में तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी थी कि यदि जल्द ही अवैध निर्माण नहीं हटाए गए तो वे सामूहिक आंदोलन करेंगे। नारायणगंज तहसीलदार ने ग्रामीणों की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए राजकुमारी धुर्वे को बेदखली आदेश जारी किया है। इस आदेश में कहा गया है कि ग्राम टिकरिया में पटवारी हल्का नं 42 के खसरा नं 227 पर 2.58 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान, दुकान का निर्माण किया जा रहा है, जो मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 के धारा 248 के तहत एक अपराध है।
बेदखली आदेश में दी चेतावनी
बेदखली आदेश में अतिक्रमणकारी राजकुमारी धुर्वे को 7 दिनों के भीतर स्वयं ही अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर प्रशासन द्वारा कब्जा हटाया जाएगा और इसका पूरा खर्च उनसे भू-राजस्व की तरह वसूला जाएगा। इसके साथ ही यदि निजी भूमि से भी अवैध कब्जा नहीं हटाया जाता है, तो उनके खिलाफ सिविल जेल की कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस कार्रवाई को सख्ती से लागू करेगा और टिकरिया की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर कानून व्यवस्था बहाल करेगा।










