सार्थक ऐप में ई-अटेंडेंस का विरोध, स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन
- नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे मैदानी कर्मचारी
- सार्थक ऐप से मुक्त करने की मांग
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के अलग-अलग विभागों में अपने कार्य क्षेत्र में उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था है। वहीं कुछ विभागों में सार्थक ऐप के माध्यम से ई-अटेंडेंस शुरू किया गया है। जिसमें आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के कई ग्रामों में नेटवर्क की समस्या है, जिसके चलते शासन द्वारा शुरू की गई ऑनलाईन उपस्थिति में बाधा आ रही है। उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति दर्ज हो रही है। इस समस्या को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज के अंतर्गत कार्यरत बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए सार्थक ऐप में ई-अटेंडेंस दर्ज कराने का विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों ने इस संबंध में अपनी समस्याओं को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सीबीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल को ज्ञापन सौपतें हुए सार्थक ऐप से उन्हें मुक्त रखने की मांग की है।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के निर्देशानुसार अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने शासकीय अस्पतालों में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सार्थक ऐप अनिवार्य किया है, लेकिन यह नियम मैदानी कर्मचारियों पर लागू नहीं होना चाहिए। उनका तर्क है कि मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारी अपने कार्यक्षेत्र में रहकर ही विभिन्न पोर्टलों पर हितग्राहियों के लाभ को ऑनलाइन दर्ज करते हैं। इन पोर्टलों में लाभार्थी की उपस्थिति उनकी लोकेशन के साथ दर्ज होती है, जिसे आसानी से ट्रैक किया जा सकता है।
कर्मचारियों ने अपनी मुख्य समस्या बताते हुए कहा कि प्रत्येक उप-स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत चार से नौ गांव आते हैं, और इनमें से कई गांवों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा नहीं है। नेटवर्क की इस गंभीर समस्या के कारण सार्थक ऐप में ई-अटेंडेंस दर्ज करना लगभग असंभव है। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी ने बताया कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न सॉफ्टवेयर तभी काम करते हैं जब इंटरनेट उपलब्ध हो। इस वजह से हमें अपने मूल पदस्थापना स्थल को छोड़कर ऐसी जगह पर जाना पड़ता है जहां नेटवर्क हो, जिससे हम अपना काम कर सकें। ऐसी स्थिति में सार्थक ऐप पर हाजिरी लगाना हमारे लिए संभव नहीं है।
कर्मचारियों ने कहा कि वे पहले से ही कई ऑनलाइन पोर्टलों पर काम कर रहे हैं, जो उनकी उपस्थिति को दर्ज करते हैं। ऐसे में सार्थक ऐप का अतिरिक्त बोझ उनके काम में बाधा डाल रहा है। उन्होंने सीबीएमओ से अपील की है कि उनकी व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें सार्थक ऐप में ई-अटेंडेंस से छूट दी जाए। इस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों में काफी रोष है और वे उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा।









