एकलव्य विद्यालय में डेढ़ दर्जन बच्चे बीमार, मामला गरमाया
- कवरेज करने गए पत्रकारों को रोका
- जनप्रतिनिधियों के पहुंचने पर खुला ताला
- 16 छात्र जिला अस्पताल और एक छात्रा जबलपुर रेफर
मंडला महावीर न्यूज 29. मुख्यालय के समीप ग्राम पिपरिया में स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक बड़ा हादसा सामने आया है। विद्यालय में लगभग डेढ़ दर्जन छात्र-छात्राएं बीमार हो गए, जिनमें से एक छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है। पत्रकारों ने जब इस मामले को कवर करने का प्रयास किया, तो हॉस्टल अधीक्षक ने गेट पर ताला लगा दिया और उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
गेट पर धरना, फिर पहुंचे अधिकारी
पत्रकारों को अंदर जाने से रोके जाने के बाद, वे गेट के सामने धरने पर बैठ गए और स्थानीय जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेता मौके पर पहुंचे। इनमें भाजपा मंडल अध्यक्ष आकाश पांडे, विधायक चैन सिंह वरकड़े सहित अन्य नेता शामिल थे। उनके पहुंचने पर भी गेट का ताला नहीं खोला गया। इसके बाद एसडीएम सीएल वर्मा, तहसीलदार आलोक सोनी, बीईओ सुनील दुबे और पुलिस बल सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, तब जाकर गेट खोला गया।

अस्पताल भेजे गए 16 बच्चे, अधीक्षक पर आरोप
अंदर जाने पर अधिकारियों ने पाया कि लगभग डेढ़ दर्जन बच्चे बीमार थे। हॉस्टल अधीक्षक ने पहले ही कुछ बच्चों के अभिभावकों को बुलाकर उन्हें घर ले जाने को कह दिया था। इस दौरान स्कूल की प्राचार्य मोनिका रोहिला अनुपस्थित थीं और उनके पति सतीश रोहिला मौके पर मौजूद थे, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। मामले को दबाने का प्रयास किए जाने के आरोप भी लगे हैं। शनिवार को विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में आया और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच के बाद, लगभग 16 छात्र-छात्राओं को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों ने इसे वायरल फीवर का मामला बताया है।
एक छात्रा की हालत नाजुक, जबलपुर रेफर
स्वतंत्रता दिवस पर एक छात्रा की हालत बिगडऩे पर उसे निवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जबलपुर मेडिकल रेफर किया गया था। परिजनों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ से चिकित्सकों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। समाचार लिखे जाने तक छात्रा की हालत नाजुक बनी हुई थी। इस घटना के बाद से स्कूल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर कार्रवाई की मांग उठने लगी है। बताया गया कि नौ लड़के और सात लड़कियां है। जिसमें कक्षा दसवीं की शिल्पा मरावी की हालत नाजुक बनी हुई हैं। शेष बच्चों में रोहित तेकाम 10 वीं, अजय मरावी 6 वीं, ओमकुमार परते 9 वीं, सुमित कुमार मरावी 10वीं, संदीप मरावी 6वीं, खेमराज सैयाम 10वीं, नारायण मरावी 10वीं, रागनी मरावी 7वीं, शारदा वाड़ीवा 10वीं, उमा कुंजाम 6वीं, कीर्ति परस्ते 9वीं, पिंकी धुर्वे 9वीं, गोमती सरवटे 9वीं, आशा मरावी 10वीं, अभिषेक उररेती 9वीं, लकी तेकाम 9वीं का उपचार चल रहा है।
इनका कहना हैं
परिसर से मेरी बिटिया ने कोल किया था कि आप हमें लेने आ जाइए तबियत खराब हैं मेरी आकर देखा तो बिटिया को बुखार हैं घर ले जा रहा हूं अन्य बच्चे भी बीमार हैं।
राजेंद्र उरेती, अभिभावक
जैसे ही मुझे मीडिया से जानकारी लगी कि छात्र छात्राएं बीमार हैं और मीडिया को कवरेज नहीं करने दिया जा रहा में मौके पर अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचा तत्काल प्रशाशन से बात की मौके पर देखा तो वाकई बच्चे बीमार पाए गए हैं एक की हालत गंभीर हैं इन्होंने प्रशाशन को भी भ्रमित किया था सभी का बेहतर उपचार के लिए लगातार में स्वास्थ विभाग के संपर्क पर हूं छात्र छात्राएं के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा।
आकाश पांडे, मंडल अध्यक्ष भाजपा
मामला गंभीर हैं छात्र छात्राओं की तबियत का बिगडऩा ओर उच्च अधिकारियों को जानकारी नहीं दिया जाना कही न कही स्कूल प्रबंधक की लापवाही को उजागर करती हैं में खुद मौके पर पहुंच कर छात्र छात्राओं से चर्चा की है बेहतर इलाज के लिए प्रशाशन से बात की हैं।
चैन सिंह वरकड़े, विधायक निवास
शुक्रवार को लगभग डेढ़ दर्जन छात्र छात्राएं बीमार हुए थे अस्पताल पर लाया गया था एक छात्रा की गंभीर हालत थी जबलपुर मेडिकल भेजा गया हैं वही शनिवार को पुन: बच्चे बीमार जिला स्वास्थ विभाग की टीम और मेरी टीम ने स्वास्थ परीक्षण कर 16 छात्र , छात्राओं को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा हैं सभी को वायरल फीवर की आशंका हैं ।
डॉक्टर विजय पेगवार, बीएमओ निवास
सुबह जानकारी मुझे लगी मेने तत्काल नायब तहसीलदार सहित स्थानीय प्रशासन को भेज दिया था फिर में खुद मौके पर आया स्कूल के प्रबंधक द्वारा दूर भाष से सिर्फ एक छात्रा के बीमार होने की सूचना दी थी ये गलत जब में पहुंचा तत्काल 108 एम्बुलेंस की मदद से 16 छात्र छात्राओं को जिला अस्पताल पर भेजा हैं वही जो एक छात्रा की हालत नाजुक हैं जबलपुर में इलाजरत हैं लगातार हम उनके परिजन से संपर्क पर हैं आगे की कार्यवाही जारी हैं लगातार हमारी टीम निगरानी करेगी।
सीएल वर्मा, एसडीएम निवास
एकलव्य विद्यालय पिपरिया के सर्दी, सिरदर्द एवं बुखार से पीड़ित बच्चों को कराया भर्ती
- बीमार बच्चों को देखने जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर
निवास विकासखण्ड के पिपरिया एकलव्य विद्यालय के बच्चों को सर्दी, सिरदर्द एवं बुखार से पीड़ित बच्चों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार विद्यालय से इसकी सूचना मिलने पर निवास ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. विजय पैगवार के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने हॉस्टल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की थी।
डॉ. पैगवार ने बताया कि शुक्रवार को 13 छात्र-छात्राओं को शिक्षकों के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निवास लाया गया था। जिनमें से 12 को आवश्यक दवाईयां दी गयी थी, जबकि एक छात्रा को तेज बुखार और अचेतना के कारण मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया था। शुक्रवार को 16 विद्यार्थियों को सर्दी, सिरदर्द और बुखार के कारण जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। सभी बच्चों को पृथक विशेष वार्ड में रखा गया है। सिविल सर्जन डॉ. विजय धुर्वे ने बताया कि बीमार बच्चों में 7 छात्र और 9 छात्राएं हैं, सभी के ब्लड सेम्पल लेकर लैब में भेजे गए हैं। सभी बच्चों को सर्दी, सिरदर्द और बुखार की शिकायत थी। अभी सभी बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।
कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा एवं सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांश कूमट ने जिला चिकित्सालय पहुँचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से तबियत का हाल पूछा एवं परिजनों से चर्चा की। कलेक्टर श्री मिश्रा ने सिविल सर्जन तथा वार्ड में ड्यूटीरत चिकित्सकों से जांच रिपोर्ट के संबंध में जानकारी लेते हुए सभी बच्चों को अंडर ऑब्जर्वेशन रखने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला चिकित्सालय का मेडिकल स्टॉफ मौजूद रहा।
मेडिकल टीम ने किया विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण
- विद्यार्थियों में फ़ूड पॉइजनिंग की नहीं है समस्या
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पिपरिया निवास में शनिवार को डॉ. विजय पैगवार एवं मेडिकल टीम द्वारा छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। यहाँ कुल 61 छात्र एवं 44 छात्राएँ उपस्थित थे। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान 2 छात्राओं एवं 10 छात्रों को सर्दी, खाँसी व बुखार पाया गया। इन बीमार विद्यार्थियों का प्राथमिक उपचार किया गया। किसी भी छात्र छात्रा को फ़ूड पॉइजनिंग की समस्या नहीं है। विदित है कि 15 अगस्त को कुछ छात्र-छात्राएं शिक्षकों के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निवास आई थी जिन्हें सर्दी और खासी की दवा देकर प्राथमिक उपचार किया गया। एक छात्रा को तेज बुखार एवं बेहोशी होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से मेडिकल कॉलेज जबलपुर के लिए रेफर किया गया। आज स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान मेडिकल टीम, बीईओ श्री सुनील दुबे, श्री अनुराग जैन मौजूद रहे।
रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे














