एक ही दिन में दो बार साइकिल वितरण कार्यक्रम पर उठे सवाल
- सांसद और जिला पंचायत सदस्य ने अलग-अलग बांटी साइकिलें
- जनता ने पूछा दिखावे की राजनीति क्यों
मंडला महावीर न्यूज 29. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि विद्यालय रखने की घोषणा की गई है, जिसका उद्देश्य शिक्षा को वैदिक मूल्यों से जोडऩा है। लेकिन मंडला जिले में इन आदर्शों से हटकर जमीनी हकीकत सामने आई है। यहां एक ही दिन में दो बार साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और राजनीतिक दिखावे पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सांदीपनि विद्यालय सागर मंडला में विगत दिवस दोपहर में सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने साइकिल वितरण किया। यह कार्यक्रम संपन्न होने के कुछ घंटों बाद उसी दिन शाम को उसी स्थान पर एक और कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिला पंचायत सदस्य शैलेश मिश्रा ने साइकिलें बांटीं। एक ही योजना के लिए एक ही दिन में दो अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने से छात्रों की पढ़ाई भी बाधित हुई।
बताया गया कि इस दोहराव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जनता के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह राजनीतिक मंच सजाने की होड़ है या सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग, यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या स्कूल प्रबंधन ने राजनीतिक दबाव में आकर यह फैसला लिया।
इनका कहना है
शासकीय कार्यक्रमों का उद्देश्य जनहित होता है, लेकिन यह देखा जा रहा है कि कुछ अवसरों पर इन कार्यक्रमों को सत्तापक्ष द्वारा अपने प्रचार-प्रसार का माध्यम बना लिया जाता है। यदि कोई कार्यक्रम सांसद की उपस्थिति में पहले ही आयोजित हो चुका है, तो उसी दिन और उसी स्थान पर पुन: अलग से कार्यक्रम आयोजित करना उचित नहीं माना जा सकता। इससे न केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होता है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। शिक्षा के क्षेत्र में हम सभी को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्य करना चाहिए।
इंजी. कमलेश तेकाम, उपाध्यक्ष, अध्यक्ष शिक्षा समिति
जिला पंचायत मंडला
मामला जानकारी आया है, स्कूलों में साइकिल वितरण का कार्य जिला शिक्षा अधिकारी के अंतर्गत आता है। चूंकि जनजाति विभाग का स्कूल है। इसलिए हमारे द्वारा जांच कराई जाएगी।
वंदना गुप्ता, सहायक आयुक्त
जनजाति कार्य विभाग, मंडला











