जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर पढऩे मजबूर कटंग सिवनी के बच्चे
- शिक्षा विभाग की लापरवाही
- 20 साल पुराने स्कूल भवन में बारिश में टपकता है पानी
मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में बेहतर शिक्षा देने की कवायद की जा रही है, लेकिन जर्जर भवन इसमें रोढ़ा बना हुआ है। जहाँ बच्चों के जीवन को खतरे में डालकर उन्हें असुरक्षित भवनों में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। जिले से मिले निर्देश के बाद भी कई शासकीय शालाएं जर्जर और क्षतिग्रस्त विद्यालयों में कक्षाएं लगा रहे है। इस लापरवाही से बच्चों की जान कर खतरा बना हुआ है।

जानकारी अनुसार निवास जनपद शिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कटंगसिवनी की एकीकृत बालक माध्यमिक शाला में पढऩे वाले लगभग 80 बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर जर्जर भवन में शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है। स्कूल का भवन करीब 20 साल पुराना है और इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है। बारिश के मौसम में छत से पानी टपकने के कारण बच्चों की पढ़ाई में बाधा आ रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि जिस अतिरिक्त कक्ष में बच्चों को बिठाया गया था, वहाँ भी छत से पानी रिस रहा था।
जब स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पत्रिका की टीम मौके पहुंचकर जमीनी हकीकत जानी तो पता चला कि एकीकृत विद्यालय में लगभग 8 से 10 कक्ष हैं, जिनमें से एक रसोई कक्ष भी है। लेकिन ये सभी कक्ष पूरी तरह से जर्जर और क्षतिग्रस्त अवस्था में है। मजबूरी में बच्चों को अतिरिक्त कक्ष में शिफ्ट किया गया था, लेकिन उस कक्ष का छज्जा भी टूटा हुआ था और छत से पानी टपक रहा था। यह पानी सीधे छात्र-छात्राओं के ऊपर गिर रहा था। प्रधानाचार्य के कक्ष में भी छत से पानी टपक रहा था, जिसके चलते दस्तावेजों को बचाने के लिए तिरपाल का सहारा लिया गया था।

पंचायत के अतिरिक्त कक्ष में कराया शिफ्ट
स्कूल के बच्चों और अभिभावकों ने बताया कि स्कूल परिसर के सामने कोई बाउंड्री वॉल नहीं है और मुख्य सड़क से स्कूल तक पहुंचने के लिए कोई उचित रास्ता भी नहीं है। खेल के मैदान के बीच से कीचड़ से होकर ही बच्चों को स्कूल पहुंचना पड़ता है, जिससे उन्हें हर दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पत्रिका टीम ने तत्काल विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुनील दुबे से दूरभाष पर संपर्क किया। उन्होंने जनशिक्षक और शाला के प्रधानाचार्य आत्माराम मसराम से बात की और तत्काल कक्षाएं ग्राम पंचायत के अतिरिक्त कक्ष में संचालित करने के निर्देश जारी किए। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि उन्होंने पहले भी एक पत्र जारी कर जर्जर शालाओं में कक्षाएं संचालित नहीं करने और अतिरिक्त कक्ष या सार्वजनिक सुरक्षित स्थानों पर कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए थे, बावजूद इसके निर्देश का उल्लंघन करते हुए लापरवाही बरती गई है।
इनका कहना है
हमारे बच्चें जर्जर भवन में पढऩे से डरते हैं जिसको लेकर हम चिंतित हैं। बच्चों का कहना है कि वे पढऩा चाहते हैं, लेकिन इस जर्जर भवन में नहीं लगातार हमारे द्वारा शासन प्रशासन को भी अवगत कराया गया लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं।
राजेश मरावी,अभिभावक
स्थानीय प्रशासन को कई बार शाला की दुर्दशा के बारे में बताया गया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस समस्या का समाधान करता है और बच्चों को सुरक्षित और सुविधाजनक शिक्षा प्रदान करने के लिए क्या कदम उठाता है
संतोष परस्ते, सरपंच पति, ग्राम पंचायत कटंगसिवनी
लगातार बारिश का दौर जारी हैं सभी जर्जर शालाएं के प्रधानाचार्य को जर्जर शाला में कक्षा न संचालित करने के निर्देश दिए हैं, कटंगसिवनी में जजर्र भवन को देखते हुए अतिरिक्त कक्ष में शाला लग रही थी लेकिन इसकी भी छत से पानी सीपेज हो रहा है, अब हमने पंचायत के अतिरिक्त कक्ष में बच्चों को शिप्ट करा दिया हैं।
सुनील दुबे ,विकासखंड शिक्षा अधिकारी, निवास
रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे












