40 दिवसीय श्री झूलेलाल चालीसा महोत्सव
- सामूहिक नृत्य गायन के माध्यम से दे रहे मनमोहक प्रस्तुति
- श्री झूलेलाल चालीसा महोत्सव में बड़ी संख्या में शामिल हो रहे श्रद्धालु
- 16 जुलाई से शुरू चालीस दिवसीय धार्मिक आयोजन
- प्रत्येक शुक्रवार को हो रही महाआरती
मंडला महावीर न्यूज 29. अंबेडकर वार्ड स्थित भगवानी बाई केवल राम श्री झूलेलाल मंदिर में चालीसा महोत्सव का 16 जुलाई से प्रारंभ हुआ है,जो 24 अगस्त तक चलेगा। श्री झूलेलाल चालीसा महोत्सव का उद्देश्य हर परिवार की खुशहाली के लिए कामना करना है। प्रतिवर्ष की भांति चालीस दिन के इस धार्मिक महोत्सव में रोजाना विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं, इसमें सुबह-शाम आरती में बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। प्रत्येक शुक्रवार को महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में धार्मिक श्रद्धालु शामिल होकर भगवान झूलेलाल साइन की उपासना कर रहे हैं। इसमें पुरुष महिलाओं के साथ बच्चे भी धर्म आस्था के साथ शामिल हो रहे हैं।
बताया गया कि श्री झूलेलाल मंदिर में चल रहे चालीसा महोत्सव का समापन 24 अगस्त को भव्य रूप से किया जाएगा। जिसके चलते महिलाओं के द्वारा भगवान इष्ट देव की आराधना में भक्ति गीतों के साथ नृत्य गायन किया जा रहा है और खुशियां मनाई जा रही हैं। इसमें भगवान झूलेलाल साईं की आराधना के साथ महिलाओं के द्वारा चालीसा महोत्सव धूमधाम से मनाते हुए सहभागिता की जा रही है।
पल्लव पूजा, अरदास के साथ फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता
बताया गया कि महोत्सव में भगवान झूलेलाल साईं की आरती पूजा,कर्पूर गौरम,पल्लव पूजा अरदास नियमित रूप से की जा रही है। पल्लव पूजा अरदास का उद्देश्य इष्टदेव से सभी परिवारों के लिए निरोगी जीवन और खुशहाली के लिए कामना करना है। श्री झूलेलाल चालीसा महोत्सव के अवसर पर नौनिहाल कियान पमनानी, मानविक गुरवानी, रोली क्षत्री, रिदम क्षत्री, सार्थक क्षत्री, जान्या चंदानी, पूर्णा पमनानी, क्रिशा उदासी, हीर असरानी, हेयांश पमनानी, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में शामिल होकर भगवान शंकर, भगवान कृष्ण, हनुमान, झूलेलाल साईं, संत कंवरराम, मीरा, राधा आदि के किरदारों में सुशोभित हुए।
नाना प्रकार के लगे भोग, प्रसाद का हुआ वितरण
चालीस दिवसीय श्री झूलेलाल चालीसा महोत्सव में रोजाना आरती पूजा के साथ-साथ नाना प्रकार के व्यंजनों का इष्ट देव को भोग लगाया जा रहा है। इसमें धार्मिक श्रद्धालुओं के द्वारा रोजाना घरों से नए-नए पकवान बनाकर प्रसाद में शामिल किये जा रहे हैं। सभी श्रद्धालु दरबार में माथा टेकने के बाद प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। प्रसादी में रोजाना विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन शामिल किये जा रहे हैं।श्रृद्धालुओं के द्वारा रोजाना अपने घरों से स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर लाए जा रहे हैं।












