ग्रामीणों ने किया कमाल, 250 साल पुराना तालाब 10 दिन में पुनर्जीवित
- ग्राम भंवरताल के 30 एकड़ में फैले जलाशय से 30 गांवों को मिलेगा लाभ
मंडला महावीर न्यूज 29. पेसा एक्ट के अंतर्गत गठित ग्राम सभा की ताकत का जीता जागता उदाहरण बिछिया जनपद की काताजर पंचायत के ग्राम भंवरताल में देखने को मिला, जहां करीब 250 वर्ष पुराना तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराकर उसको सिर्फ 10 दिन में सभी के सहयोग से पुर्नजीवित कर दिया गया। अब यह वर्षो पुराना तालाब 25 से 30 गांव के लिए वरदान साबित होगा। ग्राम भंवरताल में ग्रामीणों, समाजसेवी और स्थानीय कारोबारियों ने मिलकर यह अद्भुत मिसाल पेश की है। करीब 250 साल पुराने इस ऐतिहासिक तालाब का कायाकल्प कर दिया है, जिसका विस्तार अब 30 एकड़ में हो गया है। यह विशाल जलाशय अब फिर से ग्राम के लोगों, उनके मवेशियों और पशु-पक्षियों के लिए पानी का प्रमुख स्रोत बनेगा।
जानकारी अनुसार ग्राम भंवरताल डोलोमाइट की खदानों के लिए जाना जाता है। जहां स्थित ऐतिहासिक तालाब जिसे गोंड राजा निजाम शाह ने वर्ष 1759 में धर्मार्थ बनवाया था, जो इस क्षेत्र की जीवनरेखा हुआ करता था। समय के साथ इस तालाब पर करीब 20 वर्ष पहले लगातार अतिक्रमण शुरू हो गया और अवैध डोलोमाइट की खदानें बन गईं, और यह अपने मूल स्वरूप से सिमटकर गंदगी के ढेर में बदल गया था। प्रशासनिक उदासीनता के चलते इसके जीर्णोद्धार का कार्य वर्षों से अटका हुआ था।
जन भागीदारी बनी मिसाल
भंवरताल गांव के मूल निवासी और सुप्रसिद्ध वकील व समाजसेवी विभूति दत्त झा ने इस तालाब को बचाने का बीड़ा उठाया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर लगभग 10 वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़ी। इस दौरान इन्होंने पेसा एक्ट के तहत गठित होने वाली ग्राम सभा की ताकत का भी एहसास ग्रामीणों को कराया। ग्राम सभा के दखल के बाद इस वर्षो पुराने एतिहासिक तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराकर इसे पुर्नजीवित किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में शासन का एक भी योगदान नहीं रहा। स्थानीय कारोबारियों और गांव के लोगों के सहयोग और संकल्प से इस तालाब को पुनर्जीवित किया गया।
10 दिन में ऐतिहासिक तालाब को 30 एकड़ बदला
समाजसेवी विभूति दत्त झा ने बताया कि जो काम प्रशासनिक मशीनरी करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी नहीं कर पाई, उसे भंवरताल के छोटे से गांव के 15 से 20 घरों के करीब 80 लोगों ने कर दिखाया। बिछिया जनपद की काताजर पंचायत के अंतर्गत आने वाले इस गांव ने जन सहयोग से इस तालाब का जीवित कर दिया। वकील विभूति दत्त झा के मार्गदर्शन में ग्रामीणों और कारोबारियों ने दिन-रात एक करके महज 10 दिनों के अंदर तालाब की सफाई की, उसका गहराकरण किया और उसे 30 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला दिया।
30 गांव को मिलेगा फायदा
बताया गया कि ग्राम भंवरताल में स्थित ऐतिहासिक तालाब के पुर्नजीवित होने के बाद इससे लगे 25 से 30 गांवों को फायदा मिलेगा। इस पहल से सभी ग्रामीण खुश नजर आ रहे है। अब उन्हें पानी, मवेशियों के लिए जल और पशु-पक्षियों के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। यह जीर्णोद्धार किया गया तालाब, जो सदियों से इस क्षेत्र की पहचान था, एक बार फिर से इस क्षेत्र में समृद्धि और खुशहाली लाएगा। समाजसेवी विभूति दत्त झा ने कहां कि जब समुदाय किसी नेक काम के लिए एकजुट होता है, तो बड़े से बड़े लक्ष्य को भी आसानी से प्राप्त कर सकता है।













