देवरी कला में पारंपरिक रीति-रिवाज से खेती का शुभारंभ

ग्राम देवरी कला में पारंपरिक रीति-रिवाज से खेती का शुभारंभ

  • खेरमाई मंदिर में भूमिहार बैगाओं ने की पूजा-अर्चना
  • फसलों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए मांगा आशीर्वाद

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के बबलिया स्थित ग्राम देवरी कला में स्थानीय खेरमाई मंदिर में ग्रामीण किसानों ने अपनी खेती-किसानी के कार्यों का विधिवत और पारंपरिक तरीके से शुभारंभ किया। गाँव के भूमिहार बैगाओं और वरिष्ठजनों ने फसल की अच्छी पैदावार और सुरक्षा के लिए खेरमाता से आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर गाँव के प्रमुख व्यक्ति कालूराम वरकडे, देवलाल पंद्राम, रम्मूसिंह, नन्हूसिंह वरकडे, चैतूसिंह मरावी, करिया और अंतराम पंद्राम सहित अन्य ग्रामीणजन खेरमाई मंदिर में एकत्रित हुए। उन्होंने श्रद्धा पूर्वक पूजा-अर्चना की और दीप प्रज्ज्वलित किया। माता रानी के दरबार में धान और मक्का के बीजों को बोकर खेती-किसानी का कार्य शुरू किया।

बताया गया कि इस शुभ मुहूर्त पर माता रानी को महाप्रसाद के रूप में मेवा, मिष्ठान अर्पित किए गए। इसके साथ ही कुछ बीज भी माता रानी के दरबार में चढ़ाए गए, जिन्हें बाद में खेतों में बोकर कृषि कार्य की शुरुआत की गई। पूजा के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने माता रानी से अपनी फसलों की रक्षा के लिए प्रार्थना की। उन्होंने निवेदन किया कि माता रानी उनके खेतों को कौआ, सुआ, चूहा, केकड़ा, लोमड़ी जैसे पशु-पक्षियों और अन्य कीटों से होने वाले नुकसान से बचाएं। ग्रामीणों ने माता से अपनी फसल को दिन दुगना रात चौगुना करने का आशीर्वाद भी मांगा। इसके साथ ही उन्होंने घर-परिवार, खेती-बाड़ी, पशु-पक्षियों और सभी मनुष्यों की रक्षा के लिए भी प्रार्थना की। पूजन, पाठ के बाद ग्रामीण किसानों ने अपनी खेती का कार्य शुरू किया।



 

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