अंधी हत्या का खुलासा, मवई पुलिस ने दो आरोपी दबोचे

अंधी हत्या का खुलासा, मवई पुलिस ने दो आरोपी दबोचे

  • अवैध संबंध के शक में शराब पिलाकर लाठी-डंडों से की हत्या

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले की मवई पुलिस ने विगत 7 जून को मैनपुर-चुरकी मट्टा के जंगल के पास एक अज्ञात शव मिलने के मामले में अंधी हत्या का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान कटनी जिले के शरद यादव के रूप में हुई है, जिसकी हत्या अवैध संबंध के शक में की गई थी। बताया गया कि पुलिस को 7 जून की सुबह ग्राम मैनपुर, चुरकी मट्टा के जंगल के किनारे रोड के पास एक अज्ञात शव होने की सूचना मिली। मवई पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची, निरीक्षण कर शव का पंचनामा किया और भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की।

पुलिस ने अज्ञात मृतक की पहचान के प्रयास किए, जिसकी शिनाख्त 34 वर्षीय शरद यादव पिता जगदीश यादव निवासी झारापानी, थाना ढीमरखेड़ा जिला कटनी के रूप में हुई। विवेचना के दौरान पता चला कि मृतक शरद यादव लगभग 4-5 साल पहले मैनपुर में एक रेत खदान ठेकेदार के यहां खाना बनाने का काम करने आया था। वह 3 जून को पुनः मैनपुर आया और महेश धुर्वे के घर किराए पर कमरा लेने गया था।

विवेचना के दौरान प्राप्त जानकारी और तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी महेश धुर्वे पिता सोनूलाल धुर्वे 45 वर्ष और राजकुमार धुर्वे पिता छत्तरसिंह धुर्वे 28 वर्ष दोनों निवासी ग्राम मैनपुर, थाना मवई से पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने शरद यादव की हत्या करना स्वीकार कर लिया।

आरोपियों ने बताया कि मृतक शरद यादव पिछले डेढ़ साल से गांव के अन्य मोबाइल नंबरों पर कॉल करके महेश धुर्वे के घर पर बात कराने का दबाव बनाता था। इस बात की जानकारी महेश धुर्वे को थी और यह उसे बिल्कुल पसंद नहीं थी। इसी बात को लेकर 6 जून की देर शाम महेश धुर्वे और राजकुमार धुर्वे ने मिलकर शरद यादव को शराब पिलाने के बहाने चुरकी मट्टा के जंगल में ले जाकर लाठी-डंडों से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लकड़ी और जला हुआ मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। इस अंधी हत्या का खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) बिछिया सौरभ तिवारी के मार्गदर्शन में मवई थाना प्रभारी निरीक्षक प्रताप सिंह मरकाम, उप निरीक्षक नरेंद्र उइके, सहायक उपनिरीक्षक दिलीप झारिया, कृष्णकुमार चौबे, प्रधान आरक्षक दशरथ कुलस्ते महादेव, आरक्षक स्वरूप मरकाम, भोजराज धुर्वे, गोविंद यादव, मनोज मरकाम, मनोज धुर्वे, अनूप बैक, महिला आरक्षक बबीता तेकाम और सायबर सेल से सूर्यचंद बघेले एवं हेमंत मरावी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


 

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