संग्रहालय के बाहर कचरे का अंबार
- ऐतिहासिक धरोहर की अनदेखी पर सवाल
- जिला पंचायत के सामने ही गंदगी का राज
- स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिला पुरातत्व संग्रहालय की बाउंड्रीवॉल से लगा हुआ स्थान इन दिनों कचरे, मलबे, कबाड़ और गंदगी के विशाल अंबार में तब्दील होता जा रहा है। यह स्थिति न केवल शहर की स्वच्छता पर प्रश्नचिह्न लगा रही है, बल्कि एक ऐसे स्थान पर होने के कारण चिंताजनक है जिसका सीधा संबंध जिले की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर से है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कचरे का यह ढेर मंडला जिला पंचायत कार्यालय के ठीक सामने है। बताया गया कि कचरे और मलबे का यह अंबार अब संग्रहालय की बाउंड्रीवॉल के स्तर तक पहुंच गया है, जिससे संग्रहालय के बाहरी हिस्से की सुंदरता और गरिमा दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति ऐसे समय में और भी गंभीर हो जाती है जब स्वच्छ भारत अभियान के तहत देश भर में स्वच्छता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जानकारी अनुसार पुरातत्व संग्रहालय किसी भी क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास और विरासत का संरक्षक होता है। मंडला का यह संग्रहालय भी जिले के समृद्ध अतीत को प्रदर्शित करता है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थान के आसपास गंदगी का इस तरह से जमा होना न केवल पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए एक अप्रिय अनुभव है, बल्कि यह जिले की पुरातात्विक विरासत के प्रति स्थानीय प्रशासन और नागरिकों की उदासीनता को भी दर्शाता है। यह कचरा आसपास के वातावरण को भी दूषित तो कर रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों ने इस गंभीर समस्या पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिला पंचायत कार्यालय के ठीक सामने ऐसी स्थिति का होना समझ से परे है। यदि जिला पंचायत स्वयं अपने परिसर के सामने की स्वच्छता सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो पूरे जिले में स्वच्छता अभियान को कैसे प्रभावी बनाया जाएगा। इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और ठोस कार्रवाई करने की आवश्यकता है। प्रशासन को न केवल इस कचरे के ढेर को हटवाने की व्यवस्था करनी चाहिए, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए उचित निगरानी और कचरा प्रबंधन की प्रणाली भी स्थापित करनी चाहिए।










