मंडला की जैव विविधता ने विश्व में बनाई पहचान
- आज मनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस
मंडला महावीर न्यूज 29. प्रतिवर्ष 22 मई को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस का उद्देश्य जैव विविधता के महत्व के प्रति आम जनता में जागरूकता बढ़ाना और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए वैश्विक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। भारत एक जैव विविधता से समृद्ध देश है, और इसी कड़ी में मंडला जिले ने भी अपनी जैव विविधता के लिए पूरी दुनिया में अपना नाम स्थापित किया है। यहां विभिन्न प्रकार के वन्य जीव, पौधे और पारिस्थितिकीय तंत्र पाए जाते हैं।
सरकार द्वारा वन समितियों और गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से कार्यशालाएं, वृक्षारोपण अभियान तथा स्कूल एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों व आम नागरिकों के द्वारा विशेष अभियान चलाकर जनता को जागरूक किया जाता है। इससे स्थानीय समुदायों को जैव विविधता के महत्व और उनके संरक्षण के उपायों के बारे में जानकारी मिलती है।
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मंडला जिले की पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसने अपनी जैव विविधता के कारण पूरी दुनिया में ख्याति प्राप्त की है। यहां के जंगल, वन्य जीव और आसपास के ग्रामीण समुदायों के मध्य एक आत्मिक संबंध बन चुका है। कान्हा में पाई जाने वाली विशेष प्रजातियों के पादप, पुष्प, जीव-जंतु, साल के जंगल और विशेष रूप से बारहसिंघा एवं बाघ की प्रजाति विश्व प्रसिद्ध है। इन सभी वन्य जीवों के संरक्षण के लिए टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट कान्हा, वन विभाग और वन समितियां पूर्ण रूप से समर्पित हैं।
मंडला जिला एक नैसर्गिक जिले के रूप में जाना जाता है, जहां के जंगल, पहाड़, नदियां और भौगोलिक परिवेश जैव विविधता से परिपूर्ण है। राजेश क्षत्री पर्यावरण प्रबंधन समिति सदस्य एवं स्थानीय सलाहकार सदस्य, टाइगर रिजर्व कान्हा उद्यान, वन विभाग, मंडला, मध्यप्रदेश शासन ने सभी से अपील की है कि अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस को विशेष हर्षोल्लास से मनाया जाए। उन्होंने हर व्यक्ति से एक वृक्ष लगाने और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए पहल करने का आग्रह किया है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस का उद्देश्य पूर्ण होगा।









